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Hidden Waterfalls: नक्सल प्रभावित इलाकों से टूरिस्ट डेस्टिनेशन तक, बस्तर के 32 हिडन फॉल्स होंगे विकसित

Chhattisgarh Waterfalls: छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और सरगुजा के घने जंगलों में छिपे 32 हिडन फॉल्स को इको-टूरिज्म से जोड़ने की तैयारी में है। वन और पर्यटन विभाग पहुंच मार्ग, होटल, गाइड, बिजली-पानी जैसी सुविधाएं विकसित करेंगे।
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Hidden Waterfalls

इको-टूरिज्म का नया रोडमैप तैयार (photo source- Patrika)

Hidden Waterfalls: छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता अब देश-दुनिया के सामने नए रूप में निखरकर आएगी। राज्य के घने जंगलों में छिपे खूबसूरत झरनों (हिडन फॉल्स) को पर्यटकों के लिए सुलभ बनाने के लिए वन और पर्यटन विभाग मिलकर एक बड़ा रोडमैप तैयार कर रहे हैं। योजना के तहत बस्तर और सरगुजा संभाग के करीब 32 बरसाती व स्थायी झरनों की पहचान कर वहां तक पहुंच मार्ग, होटल-मोटल, वाहन सेवा, बिजली-पानी, गाइड और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएंगी।

Bastar Tourism: सुरक्षा के बाद अब पर्यटन की ओर कदम

बस्तर और सरगुजा के कई इलाकों में लंबे समय तक नक्सली मूवमेंट के कारण इन अद्भुत झरनों की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों के अलावा बाहरी लोगों को नहीं थी। खौफ के कारण लोग जानते हुए भी वहां जाने से कतराते थे। अब परिस्थितियों में सुधार के बाद सरकार इन क्षेत्रों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने जा रही है, ताकि स्थानीय लोगों को रोज़गार मिले और राज्य का इको-टूरिज्म मजबूत हो।

अधिकारियों ने शुरू किया ज़मीनी मुआयना

राज्य में 65 से अधिक छोटे-बड़े झरने हैं, जिनमें से लगभग 40 घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में छिपे हुए हैं। हाल ही में वन बल प्रमुख (पीसीसीएफ) अरुण कुमार पाण्डेय ने बीजापुर ज़िले के नंबी मरका, नीलम तराई और मट्टीमरका जलप्रपातों का दौरा कर टूरिज्म की संभावनाओं को परखा था। इसके बाद सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को ऐसे झरनों की सूची और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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विवरण आंकड़े

कुल टूरिस्ट स्पॉट 400 से अधिक
प्रमुख जलप्रपात 25 से अधिक
अप्रत्यक्ष/हिडन झरने 40 से अधिक

पर्यटक संख्या (वर्ष 2025) 31877871 (विदेशी: 1514)

पर्यटक संख्या (30 जून 2026 तक) 10634394 (विदेशी: 639)

Chhattisgarh Tourism News: इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए हिडन फॉल्स तक पहुंच मार्ग बनाने और विकास का खाका तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं-अरुण कुमार पाण्डेय, पीसीसीएफ एवं वनबल प्रमुख

मानसून में झरनों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही है। ऑनलाइन बुकिंग, गाइड और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जा रहे हैं। नए झरनों तक सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी-नीलू शर्मा, अध्यक्ष, छग पर्यटन मंडल

प्रमुख जलप्रपात: चित्रकोट, तीरथगढ़, हांदावाड़ा, तामड़ा घूमर, चर्रेमर्रे, अमृतधारा, रक्सगंडा, रमदहा, फिश प्वाइंट, टाइगर प्वाइंट, जतमई और घटारानी।