
भोरमदेव जंगल सफारी (Photo Patrika)
Chhattisgarh Eco Tourism: छत्तीसगढ़ की इको-टूरिज्म नीति को नई उड़ान देने वाली भोरमदेव जंगल सफारी ने शुरूआत के पहले ही महीने में अपनी अलग पहचान बना ली है। घने जंगलों, वन्यजीवों की रोमांचक साइटिंग और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच शुरू हुई यह पहल न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रही है बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए रास्ते भी खोल रही है।
महज एक महीने के संचालन में यहां 489 से अधिक पर्यटक पहुंचे और सफारी से पौने तीन लाख रुपए से अधिक की आय हुई। इससे स्थानीय युवाओं, महिला स्वसहायता समूहों और वन प्रबंधन समितियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला है। भोरमदेव जंगल सफारी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया है। महज एक महीने में वाहन चालक, गाइड और गेट कीपर के रूप में कार्यरत 17 स्थानीय युवाओं ने 75 हजार रुपए से अधिक की आय अर्जित की। वन प्रबंधन समिति को 92 हजार रुपए से अधिक की आय हुई। वन विभाग को 26 हजार रुपए से अधिक प्राप्त हुए। स्वसहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन को 20 हजार रुपए से अधिक का मुनाफा हुआ।
कैंटीन संचालन से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं। डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव जंगल सफारी का उद्घाटन 3 मई को किया गया। दूसरे दिन ही पर्यटकों के लिए इसे खोल दिया गया। बारिश के चलते सफारी का संचालन बंद है। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद नवंबर से एक बार फिर पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
भोरमदेव आने वाले पर्यटकों के लिए केवल जंगल सफारी ही नहीं, बल्कि यहां का प्राकृतिक उद्यान भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। सफारी के अलावा 1500 से अधिक पर्यटकों ने उद्यान का भ्रमण किया है। भोरमदेव जंगल सफारी ने यह साबित कर दिया है कि यदि पर्यटन विकास को स्थानीय समुदाय की भागीदारी से जोड़ा जाए तो वह केवल प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण का माध्यम नहीं बनता, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी मॉडल भी बन सकता है।
करीब 36 किलोमीटर लंबी जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को वन्यजीवों और पक्षियों को बेहद करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। सफारी में भारतीय गौर, भालू, नीलगाय, सांभर, कोटरी, बाघ के पदचिह्न, जंगली मुर्गा, रंग-बिरंगी तितलियां और विभिन्न प्रजातियों के पक्षी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। घने जंगलों, ऊंची पहाडिय़ों और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर वातावरण पर्यटकों को रोमांच और सुकून, दोनों का अनूठा अनुभव दे रहा है।
Published on:
27 Jun 2026 04:48 pm
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