आज सुबह अचानक सीने में दर्द होने के कारण उन्हें अंबेडकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां लगभग 2 बजे राज्यपाल की मृत्यु हो गई
रायपुर. छत्तीसगढ़ के राजयपाल बलरामजी दास टंडन का आज निधन हो गया। आज सुबह अचानक सीने में दर्द होने के कारण उन्हें अंबेडकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां लगभग 2 बजे राज्यपाल की मृत्यु हो गई। मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसकी पुष्टि की। आज शाम 5 राजभवन में उनके शव अंतिम दर्शन के लिए लाया जाएगा। जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार लिए पंजाब ले जाया जाएगा।छत्तीसगढ़ में 7 दिन के अवकाश की घोषणा की गई है।
आइए जानते है बलरामजी दास टंडन के जीवन से जुडी कुछ बातें
1. टंडन का जन्म 1 नवंबर 1927 को पंजाब के अमृतसर शहर में हुआ था।पंजाब के लाहौर विश्विद्यालय से उन्होंने स्नातक की डिग्री ली थी। जिसके बाद से ही वो सामाजिक सेवाओं सम्बंधित गतिविधियों में सक्रिय थे। निस्वार्थ भाव से समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों की वजह से टंडन पंजाब की जनता में काफी लोकप्रिय हैं।
2. बलरामजी दास टंडन ने 1953 में अमृतसर नगर निगम में नगर सेवक के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। टंडन 4 बार अमृतसर से पंजाब विधानसभा सदस्य भी रह चुके है।
3. 1947 में हुए भारत - पाकिस्तान विभाजन के बाद वहां से आने वाली जनता को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में उनकी एक महत्वपूर्ण भूमिका थी।
4. 1965 में हुए भारत - पाकिस्तान युद्ध के दौरान पंजाब की सीमाओं में रहने वाले लोगों के मनोबल को बढ़ावा देने में भी उन्होंने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
5. स्वर्गीय बलरामजी दास टंडन 25 जुलाई 2014 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में नियुक्त हुए थे।
6. छत्तीसगढ़ में राज्यपाल के पद पर रहते हुए 91 वर्षीय बलरामजी दास टंडन ने अपने वेतन में हुई वृद्धि को लेने से मना कर दिया था। दरअसल , 2018 के बजट में, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और गवर्नर्स के वेतन में भारी वृद्धि की घोषणा की थी।
उस नई संरचना के अनुसार, राज्य गवर्नर्स का वेतन 110,000 रुपये से 350,000 रुपये प्रति माह संशोधित कर दिया गया है।लेकिन स्वर्गीय टंडन ने छत्तीसगढ़ राजभवन के प्रवक्ता को खत लिखकर पुराने वेतन को लेने की बात कही।