रायपुर

शराब खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट! अब कैश में नहीं होगा भुगतान, QR कोड से देना होगा पैसा

liquor online payment: छत्तीसगढ़ की 49 प्रीमियम शराब दुकानों में 1 अक्टूबर से कैशलेस पेमेंट लागू होगा। ग्राहक अब QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन भुगतान से ही शराब खरीद सकेंगे।
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Sep 12, 2026
Chhattisgarh liquor shops
Chhattisgarh liquor shops: शराब खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट(photo-patrika)

Chhattisgarh liquor shops: छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब दुकानों पर शराब खरीदने और भुगतान करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आबकारी विभाग ने प्रदेश की सभी प्रीमियम शराब दुकानों को कैशलेस करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक इन दुकानों पर शराब की बोतल खरीदने के लिए नकद भुगतान नहीं कर सकेंगे। उन्हें QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन पेमेंट करना होगा।

विभाग का यह फैसला प्रीमियम शराब दुकानों पर लगातार सामने आ रही ओवररेट की शिकायतों के बीच लिया गया है। माना जा रहा है कि कैशलेस व्यवस्था लागू होने से बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और तय कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

liquor Shops Cashless: 1 अक्टूबर से लागू होगा कैशलेस सिस्टम

आबकारी विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश की प्रीमियम शराब दुकानों में 1 अक्टूबर 2026 से कैशलेस भुगतान व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत शराब खरीदने वाले ग्राहक दुकान पर नकद पैसे देकर भुगतान नहीं कर पाएंगे। ग्राहकों को शराब खरीदने के बाद दुकान में उपलब्ध QR कोड को स्कैन करके ऑनलाइन भुगतान करना होगा। इसके लिए सभी संबंधित प्रीमियम शराब दुकानों पर QR कोड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश की 49 प्रीमियम शराब दुकानों पर लागू होगा नियम

नई भुगतान व्यवस्था का आदेश प्रदेश की 49 प्रीमियम शराब दुकानों के लिए जारी किया गया है। यानी इन दुकानों पर शराब खरीदने वाले ग्राहकों को पहले से ही ऑनलाइन भुगतान की तैयारी रखनी होगी। विभाग का उद्देश्य सिर्फ भुगतान का तरीका बदलना नहीं है, बल्कि शराब बिक्री की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना भी है। कैशलेस भुगतान होने के बाद प्रत्येक बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे लेनदेन की निगरानी आसान हो सकेगी।

Chhattisgarh liquor shops:

ओवररेट की शिकायतों पर लगेगी लगाम

प्रीमियम शराब दुकानों पर निर्धारित MRP से अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ग्राहक कई बार तय कीमत से ज्यादा राशि लिए जाने की शिकायत करते हैं। ऐसे में विभाग ने ओवररेट की समस्या पर नियंत्रण के लिए भुगतान व्यवस्था में बदलाव किया है। ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था से ग्राहक को भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड भी मिल सकेगा। इससे निर्धारित कीमत और वास्तविक भुगतान के बीच अंतर की शिकायतों की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।

ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?

1 अक्टूबर से कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद प्रीमियम शराब दुकानों से खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए भुगतान का तरीका बदल जाएगा। ग्राहकों को शराब खरीदते समय नकद राशि देने के बजाय ऑनलाइन भुगतान करना होगा। दुकान में लगे QR कोड को स्कैन कर निर्धारित राशि का भुगतान किया जा सकेगा।

इसके साथ ही ग्राहकों के लिए जरूरी होगा कि वे शराब की बोतल पर दर्ज MRP जरूर जांचें। यदि किसी ग्राहक से तय कीमत से अधिक राशि ली जाती है, तो डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड शिकायत की जांच में उपयोगी साबित हो सकता है।

बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश

आबकारी विभाग का यह कदम शराब दुकानों पर होने वाले लेनदेन को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैशलेस व्यवस्था से बिक्री और भुगतान के बीच बेहतर निगरानी संभव होगी। साथ ही, ओवररेट जैसी शिकायतों की जांच के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन भी एक रिकॉर्ड के रूप में उपलब्ध रहेगा।

Updated on:
12 Sept 2026 12:54 pm
Published on:
12 Sept 2026 12:54 pm