
NEET PG Counselling: प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के पीजी यानी एमडी-एमएस कोर्स में प्रवेश के लिए आवंटन सूची जारी कर दी गई है। इस बार नीट पीजी के टॉपरों में 6 को मेडिसिन, 3 को रेडियो डायग्नोसिस व एक को स्किन की सीट मिली है। छात्र 10 नवंबर तक प्रवेश ले सकेंगे। तीन निजी कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया नवा रायपुर स्थित हैल्थ साइंस विवि परिसर में होगी।
देश में टॉप 50 में सबसे ज्यादा सीटें जनरल मेडिसिन की पसंद की गई है। इसके बाद रेडियो डायग्नोसिस का नंबर है। प्रदेश में भी यही ट्रेंड है। पिछले साल टॉप 10 में 6 छात्रों ने मेडिसिन व चार छात्रों ने रेडियोलॉजी की सीटें पसंद की है। ऐसा पहली बार हुआ है कि टॉप टेन के छात्रों ने केवल दो विषय पसंद की है। जबकि पहले ऑब्स एंड गायनी व पीडियाट्रिक विषय भी रहते थे। इसमें ध्यान देने वाली बात ये भी है कि टॉप 4 ने रेडियो डायग्नोसिस सीट व बाकी 6 छात्रों को जनरल मेडिसिन की सीटें मिलीं थीं। इस बार टॉपर ने रेडियो डायग्नोसिस की सीट चुनी है।
खास बात ये है कि टॉप करने वाली इनसर्विस कैटेगरी की डॉक्टर है, जिन्हें 30 नंबर बोनस अंक मिला है। ऐसा पहली बार हुआ है कि बोनस नंबर के सहारे महिला डॉक्टर टॉप कर गई। जबकि पहले के सालों में फ्रेशर्स यानी एमबीबीएस के पास नीट पीजी करने वाले डॉक्टर टॉप-10 में जगह बनाते थे। बोनस नंबर पर विवाद भी होता रहा है। पिछले सालों में ज्यादा बोनस नंबर के कारण अच्छी सीटें मिल जाती थीं। शिकायत के बाद सीट बदल जाती थी या आवंटन सूची में काफी नीचे व बाहर होते रहे हैं। इस बार अभी बोनस नंबर को लेकर किसी ने शिकायत नहीं की है।
पीजी की प्रवेश प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई है, जो 10 नवंबर तक चलेगी। गाैर करने वाली बात ये है कि एडमिशन प्रक्रिया के दौरान ही 8 नवंबर को दिवाली है। इस दिन रविवार है, लेकिन पहले रविवार को भी एडमिशन प्रक्रिया चलती रही है। इस बार स्थिति स्पष्ट नहीं है। काउंसिलिंग से जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों का कहना है कि दिवाली जैसे त्योहार में छुट्टी दी जानी चाहिए। 9 नवंबर को कोई त्योहार नहीं है, लेकिन 10 को गोवर्धन पूजा व 11 नवंबर को भाई दूज है। काउंसिलिंग प्रक्रिया सरकारी छुट्टी के दौरान भी जारी रहती है।
काफी समय से नीट पीजी के टॉपर जनरल मेडिसिन व रेडियो डायग्नोसिस जैसे विषय पसंद करते रहे हैं। हालांकि ये आश्चर्य करने वाली बात है कि ऑब्स एंड गायनी व पीडियाट्रिक किसी ने पसंद नहीं की है। डर्मटोलॉजी चुनना आज की मांग है। छात्र वही सीट पसंद कर रहे हैं, जिनमें प्रैक्टिस का अच्छा विकल्प हो। नॉन क्लीनिकल की सीटें खाली रह रही हैं।
डॉ. विष्णु दत्त, पूर्व डीएमई छग