
Raipur Medical College: रायपुर के सबसे बड़े अस्पताल में संकट(photo-patrika)
Raipur Medical College: छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल आंबेडकर अस्पताल के मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों की कमी अब गंभीर समस्या बनती जा रही है। रोजाना 600 से ज्यादा मरीजों का इलाज करने वाले इस विभाग में डॉक्टरों पर बढ़ते काम के दबाव का असर दिख रहा है। लगातार बढ़ते वर्कलोड के कारण कई डॉक्टर नौकरी छोड़ रहे हैं, जिससे मरीजों की उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विभाग में स्वीकृत पदों के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या काफी कम है, जिससे इलाज और प्रबंधन दोनों पर दबाव बढ़ गया है।
मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 11 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल तीन डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से दो मेडिकल ऑफिसर हैं, जिनके पास एमडी की डिग्री है और वे भी जल्द विभाग छोड़ सकते हैं। पिछले महीने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रीति गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया था।
विभाग में नियमित एसोसिएट प्रोफेसरों की संख्या भी घट रही है। एक एसोसिएट प्रोफेसर ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन कर दिया है और वे सितंबर तक ही सेवाएं देंगे। वहीं, एक अन्य एसोसिएट प्रोफेसर भी वीआरएस लेने की तैयारी में हैं। इसके अलावा दो अन्य डॉक्टरों ने ट्रांसफर की इच्छा जताई है।
मेडिसिन विभाग अस्पताल का सबसे बड़ा विभाग माना जाता है। यहां वार्ड और आईसीयू सहित कुल 180 बेड हैं। विभाग की ओपीडी में हर साल सवा लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया जाता है, जबकि 18 हजार से ज्यादा मरीज भर्ती होकर उपचार प्राप्त करते हैं।
पत्रिका टीम ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वार्ड का निरीक्षण किया तो कई मरीज भर्ती होने के लिए इंतजार करते मिले। मरीजों ने बताया कि वे करीब एक घंटे से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। अस्पताल स्टाफ के अनुसार कुछ डॉक्टर समर वेकेशन पर हैं और उपलब्ध डॉक्टरों को एक साथ कई वार्डों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
स्टाफ नर्सों के मुताबिक विभाग में वरिष्ठ और कंसल्टेंट डॉक्टरों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसका सीधा असर जूनियर डॉक्टरों पर पड़ रहा है, जिन्हें बढ़ते मरीजों के दबाव के बीच काम करना पड़ रहा है। कई बार अत्यधिक वर्कलोड के कारण उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। डॉक्टरों के 130 रिक्त पदों को भरने के लिए 17 जून को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और भर्ती में रुचि कम होने से समस्या बनी हुई है।
नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने कहा,"जिन विभागों में डॉक्टरों की कमी है, वहां पद भरने के लिए हर महीने वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। हमारी कोशिश रहती है कि अधिक से अधिक डॉक्टर भर्ती होकर सेवाएं दें, लेकिन यदि डॉक्टर ज्वाइन नहीं करते हैं तो यह एक बड़ी चुनौती बन जाती है।"
Updated on:
13 Jun 2026 02:42 pm
Published on:
13 Jun 2026 02:42 pm
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