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छत्तीसगढ़ में 72 हजार कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी, जनगणना के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Chhattisgarh Teachers: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के लिए करीब 72 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जनगणना की तैयारियों और प्रशिक्षण में बाधा न आए, इसलिए सरकार ने शिक्षक-कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी है।
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रायपुर

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Laxmi Vishwakarma

•

Updated: 3 Nov 2026, 3:52 PM IST

Teacher Transfer Ban

शिक्षक, हेडमास्टर और प्राचार्य भी तबादले से बाहर (Photo Source- AI Generate)

Teacher Transfer Ban: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के करीब 60 हजार शिक्षक और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। इनमें शिक्षक, हेडमास्टर, प्राचार्य और अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। संबंधित विभागों को इनकी सूची भी भेज दी गई है।

दरअसल, यह फैसला जनगणना 2027 की तैयारियों को देखते हुए लिया गया है। अगले साल फरवरी से जनगणना का दूसरा चरण शुरू होना है। इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी जुटाने में लगाई जाएगी। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि जनगणना की तैयारियों और कामकाज के बीच कर्मचारियों के तबादलों से कोई परेशानी आए।

Government Employees: जनगणना के लिए 60 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की शुरुआत फरवरी में प्रस्तावित है। इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर परिवार के प्रत्येक सदस्य से जुड़ी जानकारी जुटाएंगे। इसके लिए करीब 40 बिंदुओं पर जानकारी दर्ज की जाएगी। इस बार जनगणना के साथ जाति गणना भी की जाएगी, जिससे सर्वे का दायरा पहले की तुलना में बड़ा होगा। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने के लिए करीब 60 हजार प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें 53 हजार से अधिक शिक्षक शामिल थे। अब दूसरे चरण में इससे भी ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत होगी।

इस बार करीब 72 हजार कर्मचारियों की होगी तैनाती

जनगणना निदेशालय ने राज्य शासन को करीब 72 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे। दूसरे चरण में करीब 7 हजार अतिरिक्त शिक्षकों की जरूरत पड़ने का अनुमान है। ऐसे में जनगणना के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के बजाय घर-घर जाकर सर्वे का काम करते नजर आएंगे। इसका मतलब है कि फरवरी में जनगणना की ड्यूटी के कारण हजारों शिक्षक नियमित स्कूल कार्य से बाहर रहेंगे।

शिक्षक, प्राचार्य और हेडमास्टर भी होंगे शामिल

पहले चरण में प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को मुख्य रूप से प्रगणक बनाया गया था। वहीं, स्कूलों के प्राचार्य, हेडमास्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई थी। इस बार भी प्रशिक्षित सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से ही घर-घर सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।

जनगणना के लिए शुरू हो चुका है प्रशिक्षण

जनगणना के काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 12 अक्टूबर से जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर पर जिला जनगणना अधिकारियों और चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण चल रहा है। इसके बाद नवंबर में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, 1 दिसंबर से फील्ड ट्रेनर्स और 16 दिसंबर से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होगा। इस प्रशिक्षण के बाद कर्मचारियों को घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया, सर्वे के निर्धारित बिंदुओं और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बताया जाएगा।

छह महीने या जनगणना पूरी होने तक तबादलों पर रोक

जनगणना की तैयारियों में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए राज्य शासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। निर्देश के मुताबिक, जिला एवं चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणक और पर्यवेक्षकों का स्थानांतरण छह महीने या जनगणना का काम पूरा होने तक, जो भी पहले हो, नहीं किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य यह है कि जिन कर्मचारियों को जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे पूरी प्रक्रिया के दौरान उसी स्थान पर उपलब्ध रहें। इससे प्रशिक्षण से लेकर सर्वे पूरा होने तक काम प्रभावित होने की आशंका कम होगी।

क्यों जरूरी है यह फैसला?

जनगणना एक बड़ा प्रशासनिक काम है, जिसमें हजारों कर्मचारियों की भागीदारी होती है। इस दौरान कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने से लेकर घर-घर सर्वे और आंकड़ों को दर्ज करने तक कई जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। अगर इसी बीच कर्मचारियों के तबादले होते हैं तो उनकी ड्यूटी, प्रशिक्षण और कार्यक्षेत्र में बदलाव करना पड़ सकता है। इससे जनगणना का काम प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से सरकार ने जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया है। इस तरह छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियों के चलते हजारों शिक्षक और कर्मचारी फिलहाल तबादलों के दायरे से बाहर रहेंगे।