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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! नए सिरे से कर निरीक्षक भर्ती कराने का दिया निर्देश, सभी याचिकाएं खारिज

Departmental Recruitment Exam: short discription: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य कर निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021-22 में मिली अनियमितताओं के चलते नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के फैसले को सही ठहराया है।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 3 Nov 2026, 2:26 PM IST

CG High court

CG High court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला!(photo-patrika)

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ में राज्य कर निरीक्षक की विभागीय भर्ती परीक्षा 2021 और 2022 में मिली गंभीर अनियमितताओं के मामले में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया और नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए इसके खिलाफ दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने दो नवंबर को सुनाए फैसले में कहा कि चयन प्रक्रिया में मिली गड़बड़ियां उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। अदालत ने राज्य सरकार को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर जल्द पूरी करने का निर्देश भी दिया है।

State Tax Inspector Recruitment 2021: जांच रिपोर्ट के बाद रद्द की गई थीं परीक्षाएं और नियुक्तियां

यह मामला वाणिज्यिक कर विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत कर्मचारियों की सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ा है। वर्ष 2021 और 2022 में आयोजित इन परीक्षाओं में सफल कर्मचारियों को राज्य कर निरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। इनमें कुछ कर्मचारियों की सेवा की पुष्टि भी हो चुकी थी।

इसी बीच भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने पर राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने तीन जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर 11 सितंबर को पूरी परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को उनके पुराने पदों पर वापस भेजने का निर्देश दिया गया।

2021 की परीक्षा में बिना कोडिंग जांची गईं उत्तर पुस्तिकाएं

जांच समिति को वर्ष 2021 की परीक्षा में कई अनियमितताएं मिलीं। उत्तर पुस्तिकाएं बिना कोडिंग के सीलबंद हालत में लाई गई थीं। बाद में कोडिंग की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के नाम और रोल नंबर छिपाए नहीं जा सके। इससे मूल्यांकन की गोपनीयता पर सवाल खड़े हुए। जांच में 22 उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों में लाल पेन से काट-छांट कर नंबर बढ़ाने के प्रमाण भी मिले। इसके अलावा 30 पदों पर आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई।

2022 की परीक्षा में 197 उत्तर पुस्तिकाओं का हिसाब नहीं मिला

वर्ष 2022 की परीक्षा में भी कई खामियां पाई गईं। उत्तर पुस्तिकाओं पर परीक्षा केंद्र की मुहर और परीक्षकों के नाम दर्ज नहीं थे। पुनर्मूल्यांकन का नियम नहीं होने के बावजूद 37 उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की गई। जांच के दौरान 1,497 उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल पाया गया, जबकि विभाग ने केवल 1,300 उत्तर पुस्तिकाएं खरीदी थीं। इस तरह 197 उत्तर पुस्तिकाओं का हिसाब नहीं मिला। कुछ अभ्यर्थियों के जवाब मॉडल उत्तरों से शब्दशः मेल खाते भी पाए गए।

कर्मचारियों ने बिना सुनवाई नियुक्तियां रद्द करने को दी थी चुनौती

नियुक्तियां रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने नियमानुसार परीक्षा पास की थी। इसके बाद विभागीय परीक्षाएं और प्रशिक्षण पूरा कर कई वर्षों तक राज्य कर निरीक्षक के रूप में काम भी किया। कुछ कर्मचारियों की सेवा की पुष्टि हो चुकी थी।

उनका तर्क था कि नियुक्तियां रद्द करने से पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया और न ही जांच रिपोर्ट या आरोपों पर अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। याचिकाकर्ताओं ने व्यक्तिगत स्तर पर गड़बड़ी साबित किए बिना सभी की नियुक्तियां रद्द करने को अनुचित बताया।

500 से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा में दोषियों को अलग करना मुश्किल

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर और व्यापक अनियमितताएं सामने आई हैं। ऐसे में पूरी परीक्षा रद्द करना जरूरी था। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने माना कि 500 से अधिक अभ्यर्थियों वाली परीक्षा में दोषी और निर्दोष कर्मचारियों को अलग-अलग करना संभव नहीं है।

अदालत के अनुसार, सामने आई गड़बड़ियां पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती हैं। ऐसे में पूरी भर्ती और नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले में हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता।

हाई कोर्ट ने नए सिरे से भर्ती कराने का दिया निर्देश

हाई कोर्ट ने अधिकारियों की कार्रवाई को सही ठहराते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। साथ ही राज्य सरकार को राज्य कर निरीक्षक के पदों के लिए नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर उसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। इससे अब विभाग में इन पदों पर नई चयन प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।