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रायपुर में हजारों घरों में पहुंचा मटमैला पानी, फिल्टर प्लांट में बड़ी चूक, फेंकना पड़ीं पानी की कई बाल्टियां

Water supply news: रायपुर के 80 एमएलडी फिल्टर प्लांट से सप्लाई हुए मटमैले पानी से हजारों घर प्रभावित हुए। लोगों को पानी की बाल्टियां फेंकनी पड़ीं, जानिए क्या रही वजह।
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रायपुर

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Love Sonkar

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Updated: 3 Nov 2026, 2:58 PM IST

Raipur water supply

रायपुर में हजारों घरों में पहुंचा मटमैला पानी (photo Patrika)

Raipur water supply news: नगर निगम के 80 एमएलडी फिल्टर प्लांट में सही तरीके से नदी का पानी साफ नहीं होने की वजह से सोमवार को हजारों घरों में गंदा पानी पहुंचा। इससे लोगों में घबराहट जैसा माहौल निर्मित हो गया। निदान-1100 में ऐसी सूचना मिलते ही निगम के जल कार्य विभाग में हड़कंप मचा। लोगों का कहना है कि नल की टोंटी खोलते ही मटमैला और हल्का कलरयुक्त पानी आया। हालांकि शाम की सप्लाई में िस्थति सामान्य कर ली गई।

प्लांट के अधिकारियों के अनुसार

प्लांट के अधिकारियों के अनुसार करीब आधा दर्जन टंकियों की सप्लाई से ऐसी स्तिथि निर्मित हुई है, लेकिन उस पानी फिटकरी की पर्याप्त मात्रा थी, इसलिए प्रदूषित पानी नहीं माना जा सकता है। उनका यह भी तर्क है कि अभी हाल ही बारिश से आसपास के खेतों का पानी खारुन नदी में पहुंचा, जिससे कि अचानक नदी का जलस्तर 30 इंच तक बढ़ गया। यही पानी काठाडीह इंटेकवेल से फिल्टर प्लांट आया। क्योंकि नदी का पानी ज्यादा मटमैला और कलरयुक्त होने की िस्थति में चूना और ब्लीचिंग पाउडर डालकर शुद्धिकरण किया जाता है, परंतु रात के अंधेरे में फिल्टर प्लांट के कर्मचारी समझ नहीं पाए।

चूना और ब्लीचिंग पाउडर ही नहीं डाला गया

रविवार की रात गंदा पानी फिल्टर प्लांट में भरता रहा, लेकिन कर्मचारियों को उस दौरान समझ नहीं आया। फिल्टर प्लांट के अधिकारियों के अनुसार चूना और ब्लीचिंग पाउडर शुद्धिकरण के दौरान नहीं डाला गया था, इसलिए ऑक्सीलेशन नहीं हुआ। सड्डू, कुशालपुर, भनपुरी और पुरानी बस्ती क्षेत्र में घरों में पानी का रंग बदला हुआ था।

पहले भी कई कॉलोनियों में आ चुका है दूषित पानी

पाइपलाइन लीकेज से भी गंदा पानी घरों तक पहुंचने की शिकायत रहती है। जमीन के अंदर धीरे-धीरे लीकेज का पानी जब तक ऊपर नहीं आ जाता है, तब तक निगम अमले के लाइनमैनों को यही पता नहीं चलता कि पाइप लीकेज है।

सुंदरनगर क्षेत्र : पानी देखकर लोग हैरान रह गए

सुंदरनगर के लोगों का कहना है कि सुबह नल खोलते ही गंदा पानी देखकर हैरान रह गए। उनके नलों में मटमैला पानी आया। कुछ देर तक पानी बहाने के बाद भी उसका रंग साफ नहीं हुआ। घर में पीने और खाना बनाने के लिए अलग से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी।

सड्डू क्षेत्र में ज्यादा शिकायतें सामने आई

सड्डू क्षेत्र के लोगों ने बताया कि महीने में कई बार इस क्षेत्र में गंदा पानी आने से परेशान हैं। सोमवार को सुबह काफी गंदा पानी आने से कई बाल्टी पानी फेंकना पड़ा। इसके बाद भी साफ पीने का पानी नहीं मिला। ऐसे में उन्हें बोर के पानी का उपयोग करना पड़ा।

अब सामान्य रूप से सप्लाई

खारुन नदी के इंटेकवेल के पास अचानक नदी का जल स्तर बढ़ने से फिल्टर प्लांट में ज्यादा गंदा पानी आया। जिसे फिटकरी से शुद्धिकरण किया गया। लेकिन रात के अंधेरे में कलरयुक्त पानी के बारे में पता नहीं चला, इसलिए उसमें चूना और ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग नहीं होने से शहर की कुछ टंकियों से सप्लाई हुई। शाम की आपूर्ति में िस्थति सामान्य हो गई है।

  • नरसिंह फरेंद्र, कार्यपालन अभियंता फिल्टर प्लांट