
Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की विदाई के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। लगातार बारिश के बाद अब कई इलाकों में धूप निकलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियसपहुंच गया, जबकि माना एयरपोर्ट पर पारा 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में गुलाबी ठंड के लिए अभी करीब 15 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिमी मानसून लौट चुका है, जबकि बाकी इलाकों से इसकी वापसी की प्रक्रिया जारी है। मानसून की विदाई के साथ बारिश की गतिविधियां कम होने और आसमान साफ होने की संभावना है। अगले पांच दिनों में मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक6 से 10 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम के और साफ होने की संभावना है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। रात के समय तापमान में गिरावट का असर अब दिखाई देने लगा है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इससे उत्तरी छत्तीसगढ़ में सुबह और देर रात हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।
| शहर | अधिकतम | न्यूनतम |
|---|---|---|
| राजधानी रायपुर | 34.2°C | 23.9°C |
| माना एयरपोर्ट | 34.5°C | 22.0°C |
| बिलासपुर | 33.0°C | 22.6°C |
| अंबिकापुर | 31.6°C | 18.0°C |
| जगदलपुर | 32.6°C | 22.2°C |
| दुर्ग | 32.6°C | 21.2°C |
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में खरीफ फसल प्रभावित हुई है। अब मौसम साफ होने और धूप निकलने से खेतों में खड़ी फसलों के लिए परिस्थितियां बेहतर होने की उम्मीद है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार धान की फसल के लिए यह मौसम अनुकूल हो सकता है। खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है। ऐसे में धूप मिलने से धान की फसल की बढ़वार के साथ दाने भरने की प्रक्रिया को भी फायदा मिल सकता है। हालांकि जिन खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है, वहां किसानों को जल निकासी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
मौसम में फिलहाल दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से ठंडक बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले दिनों में यह अंतर और बढ़ सकता है। अभी प्रदेश में ठंड का असर व्यापक रूप से शुरू नहीं हुआ है। गुलाबी ठंड के लिए करीब दो सप्ताह और इंतजार करना पड़ सकता है। मानसून पूरी तरह विदा होने और आसमान साफ रहने के बाद रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।