रायपुर

रेत संकट से राहत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़, अवैध खनन पर सख्ती और निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार

CG Mining News: छत्तीसगढ़ में रेत संकट से निपटने के लिए सरकार ने खनन व्यवस्था में बड़े सुधार लागू किए हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध खनन पर लगाम लगेगी और निर्माण कार्यों को राहत मिलेगी।

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Apr 23, 2026
रेत संकट से राहत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़, अवैध खनन पर सख्ती और निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार(photo-patrika)

CG Mining News: छत्तीसगढ़ में रेत संकट को कम करने और खनन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए हैं। पहले जहां खदानों की संख्या घटने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे और अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा था, वहीं अब नई नीतियों के जरिए इस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

CG Mining News: वैध खदानों की संख्या में इजाफा

सरकार द्वारा खनिज नीति में बदलाव के बाद अब राज्य में लगभग 200 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ संचालित हो रही हैं। इसके अलावा कई अन्य खदानों की मंजूरी अंतिम चरण में है। सरकार की योजना अगले डेढ़ साल में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति देने की है, जिससे रेत की उपलब्धता बढ़ेगी और निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी।

अवैध खनन पर सख्त निगरानी

रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला और राज्य स्तर पर टास्क फोर्स सक्रिय है। इसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहे हैं। राजनांदगांव और बलरामपुर सहित कई जिलों में अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई भी की गई है।

कैबिनेट में नियमों में संशोधन को मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 16 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 और गौण खनिज नियम 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इन संशोधनों का उद्देश्य खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाना है।

कड़े दंड का प्रावधान

नए नियमों के तहत अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर 25 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सार्वजनिक उपक्रमों को मिलेगा प्राथमिकता

संशोधित नियमों के तहत अब केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को रेत खदानों के संचालन में प्राथमिकता दी जा सकेगी। इससे खनन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी।

पारदर्शिता और राजस्व बढ़ाने पर जोर

सरकार का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व में वृद्धि करना है। इसके तहत निष्क्रिय खदानों पर अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षों के बाद वृद्धि की गई है, ताकि खदानों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

सरलीकरण से आसान होगी प्रक्रिया

नियमों में संशोधन का एक अहम पहलू प्रक्रियाओं को सरल बनाना भी है। अवैध परिवहन के मामलों में जमानत राशि तय की गई है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया स्पष्ट और प्रभावी हो सके।

Published on:
23 Apr 2026 09:54 am
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