छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी संगठन द्वारा एक दिवसीय वादा निभाओ महारैली का आयोजन किया गया
रायपुर. छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले अनियमित कर्मचारियों की हड़ताल का शनिवार को छठवां दिन था। पूरे प्रदेश में द्वितीय शनिवार की छुट्टी के बावजूद भी लगभग एक लाख से अधिक अनियमित अधिकारी-कर्मचारी अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे रहे।
छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी संगठन द्वारा एक दिवसीय वादा निभाओ महारैली का आयोजन किया गया। अनियमित कर्मचारियों को महारैली में भाग लेने फेडरेशन के संयोजक सुभाष मिश्रा द्वारा आमंत्रित किया गया, जिस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए महासंघ अपने पूरे दलबल के साथ लगभग 5000 की संख्या में शामिल हुए।
महारैली की शुरुआत में फेडरेशन के संयोजक द्वारा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा गया कि प्रदेश का पूरा कर्मचारी जगत एकजुट है, इनमें नियमित और अनियमित का कोई फर्क नहीं है, यह फर्क सरकार के लिए हो सकता है, लेकिन कर्मचारियों में आपस मे ऐसा कोई अंतर नहीं है और वे तथा उनका पूरा संगठन अनियमित कर्मचारियों की जायज़ मांगों के लिए एक साथ है।
अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने के लिए उन्होंने शासन को फार्मूला देते हुए कहा कि सभी की नियुक्ति विभागों में उपलब्ध पदों के विरुद्ध ही हुई है, अत: यदि अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाता है तो इसमें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। जहां तक प्रश्न है बजट का तो हर वर्ष हर विभाग को उसके लिए निर्धारित अमले के अनुसार ही बजट आबंटित किया जाता है जो कि वर्ष के अंत में सरेंडर करना पड़ता है, ऐसे में बजट की भी कोई समस्या नहीं है।
सरकार का अब तक नियमित ना करने का कारण समझ से परे है। महासंघ के अध्यक्ष अनिल देवांगन ने फेडरेशन के मंच से नियमित कर्मचारियों को बड़ा भाई बताते हुए सहयोग मांगा गया।