माओवादियों के मूवमेंट वाले इलाकों का राज्य पुलिस रोडमैप तैयार करेगी। उनके ठिकानों को चिन्हांकित करने के लिए नजर रखी जा रही है।
रायपुर्. छत्तीसगढ़ में माओवादियों के मूवमेंट वाले इलाकों का राज्य पुलिस रोडमैप तैयार करेगी। उनके ठिकानों को चिन्हांकित करने के लिए जमीन के साथ ही आसमान से भी गोपनीय रूप से नजर रखी जा रही है। इसके लिए जवानों को कैमरे युक्त हल्के यूएवी ड्रोन दिए गए हैं, जिसके माध्यम से फुटेज जुटाकर जंगल के अंदरुनी इलाकों के स्केच बनाने कहा गया है। साथ ही जंगल के अंदरुनी इलाकों की अधिक से अधिक जानकारी एकत्र करने के लिए कहा गया है।
इसके आधार पर माओवादी प्रभावित इलाकों का खाका तैयार किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ऑपरेशन का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा। बताया जाता है कि सड़कों पर लगातार आइइडी विस्फोट से जवानों को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए तरकीब निकाली गई है। इसके तैयार होने के बाद माओवादियों के घेराबंदी करने फोर्स को गोपनीय तरीके से सीधे प्रभावित इलाके में उतारा जाएगा।
क्षमता में इजाफा
पतझड़ के मौसम शुरू होते ही जंगल के अंदरुनी इलाकों की दृश्यता बढ़ जाती है। अंदरुनी इलाकों में दूर की गतिविधियां दिखाई देने से फोर्स की क्षमता में इजाफा होता है। वहीं माओवादी को परेशानियों के साथ ही अपनी पहचान छिपाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए फोर्स ने जंगल के भीतर जाने की योजना बनाई है।
बताया जाता है कि लिए मुख्य सड़क को छोड़कर छोटी पंगडंडियों और बरसाती नालों के रास्ते का उपयोग करने कहा गया है। गौरतलब है कि बस्तर में घना जंगल होने के कारण भीतरी स्थानों का आज तक मैप तैयार नहीं हो पाया है। माओवादियों के जाल में फंसने और रास्ता भटकने के खतरे को देखते हुए कई बार फोर्स कांबिग गश्त करने के बाद लौट चुकी है।
यह है स्थिति
माओवादी लगातार अपने संगठन का विस्तार करने में जुटे हुए है। लेकिन, उनके कुछ ठिकानों का आज तक सुराग नहीं मिल पाया है। इसे देखते हुए उन्हे घेरने की योजना बनाई गई है। इसमें सबसे अधिक बस्तर के अबूझमाढ़, बीजापुर, दंतेवाडा़, सुकमा और राजनांदगांव जिले में गतिविधियां देखने को मिलती है। गौरतलब है कि देशभर के 8 राज्यों के 106 जिले माओवादी प्रभावित है। इसमें छत्तीसगढ़ के 18 जिले भी शामिल है।
घेराबंदी होगी
आइजी बस्तर रेंज विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि माओवादियों की घेराबंदी करने के लिए फोर्स लगातार आगे बढ़ रही है। साथ ही उनकी गतिविधियों वाले स्थानों को चिन्हांकित भी किया जा रहा है।