Chhattisgarh News: राइडर्स ने कुश्मा गंडकी गोल्डन ब्रिज और तातोपानी से होते हुए जोमसोम तक के चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार किया। यह उपलब्धि सिर्फ इन्फिनिटी राइडर्स क्लब की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के इन्फिनिटी राइडर्स क्लब ने नेपाल स्थित पवित्र मुक्तिनाथ शिखर को फतह कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में किसी राइडिंग क्लब ने की गई पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा है। क्लब के सदस्य वेदांत अग्रवाल, अल्तमश और आकाश अग्रवाल ने मुक्तिनाथ की रूह कंपा देने वाली चढ़ाई को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस यात्रा में राइडर्स ने मुक्तिनाथ की 108 पवित्र जल धाराओं में स्नान कर आध्यात्मिक शांति भी प्राप्त की। रायपुर से शुरू हुआ यह सफर खतरनाक खाइयों, बर्फीली हवाओं और मुश्किल रास्तों से होते हुए नेपाल के इस पवित्र शिखर तक पहुंचा। राइडर्स ने कुश्मा गंडकी गोल्डन ब्रिज और तातोपानी से होते हुए जोमसोम तक के चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार किया। यह उपलब्धि सिर्फ इन्फिनिटी राइडर्स क्लब की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। राइडर्स अब संदकफू की ऊंचाइयों की ओर बढ़ेंगे।
मुक्तिनाथ की यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा एक्सपीरियंस है, जो आपकी सारी थकान और सांसारिक चिंताओं चिंताओं को दूर कर देगा. यह यात्रा आपको नेपाल के हरे-भरे जंगलों, शानदार घाटियों, नदियों और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों से होकर ले जाती है इस दौरान रास्ते में आपको विशाल अन्नपूर्णा और धौलागिरी जैसी चोटियां देखने को मिलेंगी, जो आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देती हैं। मुक्तिनाथ, जो लगभग 3760 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, सही मायने में इस जगह को भगवान विष्णु का निवास स्थान माना जाता है।
छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं। उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक खेती कर किसान कम लागत में लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन मिलने के कारण किसान वैज्ञानिक पद्धति से अधिक उत्पादन ले रहे हैं। एक किसान आनंदराम सिदार की सफलता देखकर अब अन्य ग्रामीण भी परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
परंपरागत खेती के दौर में जहाँ किसान अक्सर कम मुनाफे से परेशान रहते हैं, वहीं रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के एक छोटे से गाँव कोड़केल के किसान आनंदराम सिदार ने नवाचार से समृद्धि की नई इबारत लिखी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन की श्गेंदा क्षेत्र विस्तार योजनाश् का लाभ उठाकर आनंदराम ने अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है।