रायपुर

Sugarcane Price Hike: पंजाब के बाद छत्तीसगढ़ में गन्ने का सबसे ज्यादा भाव, सरकार ने 70 रुपए बढ़ाई कीमत

Sugarcane Price Per Quintal: छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों के लिए राहत की खबर है। विष्णु देव साय सरकार ने गन्ने की सरकारी खरीदी दर 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है।
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Oct 10, 2026
Sugarcane Price Hike
छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा (Photo Source- AI Generate)

Sugarcane Price Hike: छत्तीसगढ़ में गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी का भाव बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को अब हर क्विंटल गन्ने पर पहले के मुकाबले 70 रुपये अधिक मिलेंगे। अब तक गन्ने की खरीदी 355 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही थी।

सरकार के इस फैसले से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी बढ़ी हुई दर के अनुसार किया जाएगा। इससे उन किसानों को भी फायदा मिलेगा, जिन्होंने इस पेराई सत्र में शक्कर कारखानों को अपना गन्ना बेचा है।

गन्ने की कीमत में 70 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

राज्य सरकार ने गन्ने की खरीदी दर 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। गन्ने की खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और परिवहन पर खर्च होता है। ऐसे में खरीदी दर में बढ़ोतरी से किसानों को अपनी लागत की भरपाई करने और खेती से होने वाली आय को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल की मांगों और आंदोलन के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। किसान संघ लंबे समय से गन्ना उत्पादकों को बेहतर कीमत देने की मांग उठा रहा था।

पेराई सत्र 2025-26 के भुगतान पर भी मिलेगा लाभ

सरकार के निर्णय की एक अहम बात यह है कि पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी नई दर के अनुसार किया जाएगा। यानी इस सत्र में पहले ही गन्ना बेच चुके किसानों को भी बढ़ी हुई कीमत का लाभ मिलेगा। इस फैसले से गन्ना उत्पादकों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया और राशि से संबंधित जानकारी संबंधित शक्कर कारखानों से मिल सकेगी।

पंजाब के बाद छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक गन्ना भाव

गन्ने की खरीदी दर के मामले में छत्तीसगढ़ अब देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में गन्ने का भाव 485 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके बाद छत्तीसगढ़ में 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। अन्य राज्यों में हरियाणा में 415 रुपये, उत्तराखंड में 405 रुपये और उत्तर प्रदेश में 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर बताई गई है। वहीं, मध्य प्रदेश में गन्ने का भाव लगभग 350 रुपये प्रति क्विंटल है। इन दरों के आधार पर छत्तीसगढ़ में गन्ना उत्पादकों को कई राज्यों के मुकाबले बेहतर कीमत मिलेगी। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में घोषित दरों और भुगतान की शर्तों में अंतर हो सकता है।

खेती को लाभकारी बनाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से लगातार मजबूत हों। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

गन्ने की खरीदी दर बढ़ाने का फैसला भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। इस संबंध में भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री नवीन शेष सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

किसान संघ ने सरकार के फैसले का किया स्वागत

भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर ने गन्ना किसानों के हित में लिए गए निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। किसान संघ का कहना है कि गन्ने की खरीदी दर में बढ़ोतरी से उत्पादकों को राहत मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, किसान संघ ने धान किसानों के बकाया बोनस का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया है। प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर के अनुसार, धान किसानों का लगभग 1700 करोड़ रुपये का बोनस बकाया है। उन्होंने इस राशि के संबंध में जल्द और सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। गन्ना खरीदी दर में बढ़ोतरी के बाद अब किसानों की नजर धान बोनस से जुड़े फैसले पर भी रहेगी।

Updated on:
10 Oct 2026 01:05 pm
Published on:
10 Oct 2026 12:55 pm