
रायपुर@नारद योगी। Chhattisgarh Thagi News: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के नाम से कई लोगों से ऑनलाइन ठगी हो गई है। अध्यक्ष के नाम से वाटस्ऐप मैसेज भेजकर अलग-अलग लोगों से 13 लाख रुपए ऑनलाइन ठग लिया गया। सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना में लिया है।
पुलिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज का मोबाइल साइबर ठगों ने हैक कर लिया। इसके बाद उनके वाट्सऐप को ऑपरेट करने लगे। साइबर ठगों ने उनके मोबाइल फोन के कॉन्टेक्ट लिस्ट में जितने भी नंबर थे, उनमें वाट्सऐप मैसेज भेजा। इसमें अस्पताल की इमरजेंसी बताकर किसी से 50 हजार, तो किसी से 1 लाख की मदद मांगी गई थी।
चूंकि डॉक्टर सलीम का मोबाइल भी बंद था। इस कारण लोगों को साइबर ठग की ओर से उनके नाम से भेजे गए मैसेज पर यकीन हो गया। फिर उन्होंने ठगों द्वारा भेजे गए खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करते गए। इस तरह कुल 13 लाख रुपए लोगों ने साइबर ठगों को दे दिया। बाद में डॉक्टर सलीम को मोबाइल हैक होने और मदद के नाम पर ठगों द्वारा पैसे मांगने का पता चला। इसके बाद उन्होंने लोगों से मोबाइल हैक होने की जानकारी देते हुए सतर्क रहने कहा था। पूरे मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की गई।
छत्तीसगढ़ में ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आम नागरिकों से लेकर बड़े नामों तक, कोई भी इन ठगों की जालसाजी से सुरक्षित नहीं है। पुलिस भी ऐसे मामलों की जांच में जुटी हुई है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
त्योहारों के मौसम में साइबर धोखाधड़ी में ज्यादा बढ़ोतरी की आशंका है। त्योहारी मौसम में धोखेबाज फर्जी बुकिंग इंटरफेस, झूठे यात्रा पैकेज और अविश्वसनीय ई-कॉमर्स पेशकश के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं। त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीद एवं बुकिंग की गतिविधियां बढ़ने का फायदा उठाते हुए साइबर ठग नकली टिकटिंग वेबसाइट, नुकसानदेह लिंक या फर्जी यूपीआई भुगतान अनुरोध के जरिए बैंकिंग जानकारियां और खातों से धन चुरा सकते हैं।
इस दौरान डांडिया नाइट और अन्य आयोजनों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ जाती है, इसका फायदा उठाते हुए अपराधी नकली पोर्टल बना सकते हैं। साथ ही बेहद आकर्षक ऑफर वाले ई-कॉमर्स लिंक भी नकली वेबसाइट तक ले जाते हैं, जिनमें छिपे मालवेयर स्पैम से बैंकिंग जानकारियां चोरी हो सकती हैं।