रायपुर

छत्तीसगढ़ में धान की फसल पर फिर मंडराया बारिश का खतरा, बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया चक्रवाती तूफान

Chhattisgarh Rain Forecast: छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए चक्रवाती तूफान का असर दिख सकता है। मौसम विभाग ने 2 से 4 नवंबर तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
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Updated: 1 Nov 2026, 8:59 AM IST
Chhattisgarh Weather Alert
छत्तीसगढ़ में फिर साइक्लोन का खतरा (Photo Source- AI Generate)

Chhattisgarh Weather Alert: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के बाद एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब तेजी से मजबूत हो रहा है और अगले 24 घंटे में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंच सकता है। इसके असर से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने 2 से 3 नवंबर के बीच प्रदेश में काफी व्यापक से लेकर व्यापक बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, 3 से 4 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है। मौसम में एक बार फिर बदलाव की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि प्रदेश में धान की फसल की कटाई और खरीदी की तैयारियां चल रही हैं।

IMD Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान, छत्तीसगढ़ में दिखेगा असर

बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे में इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की प्रबल संभावना है। इसके 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने का अनुमान है। इस सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ सकता है। 2 और 3 नवंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

अर्नब के बाद अब फिर धान की फसल पर संकट

इससे पहले 28 और 29 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश हुई थी। लगातार बारिश और खेतों में पानी भरने के कारण धान की फसल प्रभावित हुई। कई जगहों पर किसानों को फसल खराब होने और कटाई में देरी की चिंता सताने लगी थी। अब एक बार फिर बारिश की संभावना से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा है। जिन किसानों ने कटाई कर धान को खेतों में रखा है, उनके लिए भी बारिश मुश्किल खड़ी कर सकती है। वहीं, लगातार नमी बने रहने से फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती बढ़ सकती है।

आंधी-तूफान के साथ 60 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग ने 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा 3 से 4 नवंबर के बीच भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। मौसम के इस बदलाव को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की जरूरत है।

अगले दो दिनों में बढ़ सकता है तापमान

बारिश की संभावना के बीच प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इसके बाद बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। यानी दिन के तापमान में बढ़ोतरी के बाद बादल और बारिश मौसम का मिजाज बदल सकते हैं।

जशपुर के मनोरा में सबसे ज्यादा 7 सेंटीमीटर बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि एक-दो जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। जशपुर जिले के मनोरा में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

प्रमुख स्थानों पर दर्ज बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:

मनोरा (जशपुर) 7 सेंटीमीटर
कुनकुरी (जशपुर) 5 सेंटीमीटर
कुसमी (बलरामपुर) 5 सेंटीमीटर
बगीचा (जशपुर) 4 सेंटीमीटर
तपकरा (जशपुर) 3 सेंटीमीटर
सन्ना (जशपुर) 3 सेंटीमीटर
कांसाबेल (जशपुर) 3 सेंटीमीटर
सामरी (बलरामपुर) 2 सेंटीमीटर
लैलूंगा (रायगढ़) 2 सेंटीमीटर
पत्थलगांव (जशपुर) 2 सेंटीमीटर
चांदो (बलरामपुर) 2 सेंटीमीटर
जशपुरनगर 2 सेंटीमीटर

तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड हुआ।

रायपुर में बादल छाने और बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में भी 1 नवंबर को मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में आकाश आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

लगातार बदलते मौसम ने किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पहले अर्नब तूफान से हुई बारिश और अब बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए चक्रवाती सिस्टम के कारण धान की फसल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खेतों में तैयार फसल और कटाई के बाद खुले में रखे धान को बारिश से बचाना किसानों के लिए जरूरी होगा। अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ में रहने वाले किसानों को बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

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1 Nov 2026, 8:59 AM IST
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