
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार रात से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। राजधानी रायपुर में महज आधे घंटे में करीब 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट और कई अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
शनिवार शाम हुई तेज बारिश ने राजधानी की रफ्तार थाम दी। टाटीबंध समेत कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया, जबकि प्रमुख सड़कों और पॉश कॉलोनियों में भी जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम और जलभराव की वजह से परेशानी झेलनी पड़ी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद और कांकेर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
इसके अलावा बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, मुंगेली और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। वहीं, खरीफ सीजन के तहत किसान धान की नर्सरी तैयार करने और बुवाई के कार्य में तेजी से जुट गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सारंगढ़ में सबसे अधिक 140 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सरायपाली और बड़े बचेली में 100-100 मिमी बारिश हुई। विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा जारी रह सकती है। फिलहाल प्रदेश में सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन जुलाई में मानसून के और सक्रिय होने से वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।