
भूपेश बघेल का सरकार पर हमला (photo source- Patrika)
रायपुर@संतराम साहू। Nakti Encroachment Row: नकटी में अतिक्रमण हटाने को लेकर पिछले एक सप्ताह से जमकर सियासत हो रही है। कांग्रेस लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर है। करीब सप्ताहभर बाद अब जाकर भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा ने नकटी अतिक्रमण को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है।
प्रदेश भाजपा महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने पत्रकारवार्ता में कहा कि अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अब निम्नस्तरीय राजनीति कर रही है। कांग्रेस को गरीबों से नहीं, बल्कि अपने करीबियों से मतलब है। वहीं, कांग्रेस ने इसे विस्थापितों के जले में नमक छिड़कना बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर रखने की बात कहीं है।
डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि नकटी का जो प्रकरण चल रहा है, उसकी स्क्रिप्ट बहुत पहले 2020 में पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के शासनकाल में लिखी गई थी। उस समय हाउसिंग बोर्ड के जरिए वहां आवासीय कॉलोनी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दरम्यान 2022 में वहां आवासीय कॉलोनी (Nakti Village News) बनने की जानकारी मिलते ही 2022-23 में वहां कब्जाधारियों की बाढ़ आ गई। पहले वहां लगभग 3 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा था, जिस पर कच्चे मकान चिन्हांकित हुए। आज कई लोगों ने 10 से 17-20 हजार वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर लिया है और उन लोगों ने 50 लाख रुपए मूल्य तक के मकान, बाड़ी बना ली है।
डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि अब इस मामले को कांग्रेस गलत दिशा में ले जाकर लोगों को उकसा रही है। कांग्रेसी नेताओं को इस बात का जवाब देना चाहिए कि क्या अवैध कब्जों को वे प्रश्रय देते हैं या देना चाहते हैं? जब कांग्रेस की सरकार थी तो सभी शासकीय भूमि को बेचने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया था और उस समय कांग्रेस ने बड़े-बड़े नेता तक ने एकड़ों में रियायती दर खरीदें।
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भाजपा के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि नकटी गांव में लोगों को बेघर करने की स्क्रिप्ट कांग्रेस ने नहीं, बल्कि भाजपा सरकार ने लिखी है। भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में विधायकों के लिए प्लॉट आवंटन का प्रस्ताव जरूर आया था, लेकिन सरकार ने ऐसा स्थान चुना जहां लोगों के मकान न टूटें।
उन्होंने बताया कि छेरीखेड़ी क्षेत्र में पहले ही प्लॉट आवंटित किए जा चुके थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने कई स्थानों का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था, लेकिन प्रभावित परिवारों के घरों को नुकसान न पहुंचे, इसे ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थान का चयन किया गया था।
Updated on:
05 Jul 2026 02:13 pm
Published on:
05 Jul 2026 02:13 pm
