
Weather Update: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर ने छत्तीसगढ़ के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि तूफान का असर अनुमान से कम रहा और पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के केवल चार प्रमुख केंद्रों पर ही भारी वर्षा दर्ज की गई। अब यह चक्रवाती सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ से 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ चुका है।
उत्तरी छत्तीसगढ़ व उत्तर-पश्चिमी ओडिशा के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। 30 अक्टूबर से सिस्टम के कमजोर पड़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में भारी कमी आएगी। प्रदेश में हल्की से मध्यम बौछारें ही पड़ेंगी, जबकि उत्तरी इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इसके बाद आसमान साफ़ होते ही प्रदेश में ठण्ड की जोरदार दस्तक होगी।
लगातार घने बादलों, पूर्वी नम हवाओं और रिमझिम झड़ी की वजह से प्रदेश भर में 'डायर्नल वेरिएशन' (दिन और रात के तापमान का अंतर) बेहद कम हो गया है: राजधानी में पिछले 24 घंटे में 52 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से अधिकतम तापमान गिरकर 24.0ए ष्ट पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.5ए ष्ट दर्ज किया गया। दिन और रात के पारे में महज 4.5 डिग्री का अंतर रहने से दिन में भी दिसंबर जैसी ठंडक महसूस हुई।
सुकमा, कोंटा, नरहरपुर, पिथौरा -7 सेमी
तोकापाल, दोरनापाल, बड़े राजपुर, केशकाल, छिंदगढ़ व कांकेर-6 सेमी
कुकरेल, बलरामपुर, नगरी, बसना, सरोना, कटेकल्याण, बेलरगाांव, राजिम, कुसमी, धमतरी,
अमलीपदर, प्रेमनगर, देवभोग, मैनपुर, फरसगांव, गादीरास, बागबाहरा -5 सेमी
माकडी, चारामा, सरायपाली, राजनांदगाव, पलारी, पेंड्रारोड, मुकडेगा, करपावंड, लोहंडीगुड़ा, गुरुर, नानगुर, पथरिया, धनोरा, बलौदा, अर्जुदा, हसौद, छुरा व गरियाबंद में 4 सेमी।