Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में 4 दिन बाद मौसम बदलने के संकेत हैं। भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच तापमान में 2 से 3 डिग्री गिरावट हो सकती है।
Chhattisgarh Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में 25 मई से नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और हीटवेव का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, मानसून को लेकर भी नई अपडेट सामने आई है-दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले केरल नहीं पहुंचेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
भारतीय पंचांग के अनुसार 25 मई से नौतपा शुरू हो चुका है, जो 2 जून तक रहेगा। इन 9 दिनों को साल का सबसे गर्म समय माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 44 से 46 डिग्री तक बना रह सकता है। लोक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में जितनी ज्यादा गर्मी पड़ती है, मानसून उतना ही बेहतर माना जाता है, इसलिए किसान और ग्रामीण इलाकों के लोग इसे अच्छी बारिश से जोड़कर देखते हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग और छत्तीसगढ़ मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है, क्योंकि कई जगह हीटवेव के मामले भी सामने आ रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार चार दिनों के बाद प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में: बादल गरजने की संभावना, तेज हवाएं चल सकती हैं, अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
आमतौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री 12 जून के आसपास होती है। केरल पहुंचने के बाद मानसून को छत्तीसगढ़ तक पहुंचने में करीब 10 दिन लगते हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री का सही अनुमान तभी लगाया जा सकता है, जब दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए प्रदेश में अनुकूल परिस्थितियां बनें।
फिलहाल छत्तीसगढ़ के लोगों को नौतपा की भीषण गर्मी से जूझना होगा, जबकि किसान और आम लोग मानसून की दस्तक का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।