कहा-हवाई सेवा के संचालन में क्षतिपूर्ति के लिए देंगे राशि
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश में हवाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश के विभिन्न हवाई अड्डों से नियमित हवाई सेवाएं राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य बड़े शहरों के लिए उपलब्ध हो ताकि नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा एवं क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके।
मुख्यमंत्री बघेल ने हाल ही में कहा कि जगदलपुर-जबलपुर-दिल्ली हवाई सेवा जल्द शुरू की जाए और इसके संचालन में होने वाली क्षतिपूर्ति देने के लिए हम तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि बस्तर देश की राजधानी से सीधे हवाई मार्ग से जुड़े तो इस क्षेत्र के विकास में और तेजी आएगी। राज्य सरकार की कोशिश है कि बस्तर विकास की मुख्यधारा से जुड़े और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ यह देश के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं।
मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का किया शुभारंभ
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के नगर पालिका अमेलश्वरडीह में राज्य स्तरीय एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ी टीम के सदस्यों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।
गौरतलब है कि शिव शक्ति क्रीडा मंडल और नगर पालिका अमलेश्वरडीह छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई है। बघेल ने शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि नगर पालिका बनने के बाद पहली बार यह खेल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उन्होंने नगरवासियों को नगर पालिका बनने पर शुभकामनाएं दी। बघेल ने कहा कि यहां वर्षों से कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित होती रही है और इस आयोजन को लेकर हमेशा खासा उत्साह रहा है। उन्होंने आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा खेल कूद को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश में टेनिस, तीरंदाजी, हॉकी सहित विभिन्न खेल अकादमियों की शुरुआत की गई है। जिससे छत्तीसगढ़ के खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिल रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धाओं के लिए हो रहा है। बघेल ने कहा कि परंपराओं को सहेजने के क्रम में छत्तीसगढ़िया ओंलपिक की शुरूआत की गई है और भौंरा, बाटी, पिट्ठूल, कबड्डी, खो-खो, फुगड़ी जैसे परंपरागत खेलों को इसमें शामिल किया है।