
Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को सोनहत के ग्राम कुशहा में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। वहीं चिरमिरी में कोरिया, सूरजपुर व एमसीबी के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान विधायक भईयालाल राजवाड़े ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जिल्दा (कोरिया) में 247 मीट्रिक टन खाद(68 लाख कीमत) गायब करने और पंजीकृत किसानों को खाद वितरण में परेशानी होने को लेकर शिकायत की। इसके बाद सहायक पंजीयक(सहायक आयुक्त) सहकारिता कोरिया आशुष प्रताप सिंह को निलंबित करने निर्देश दिए हैं।
इसी मामले में समिति प्रबंधक अखिलचन्द निलंबित को भी निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा बैकुंठपुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि इस मामले का खुलासा जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम जिल्दा निवासी रामप्रताप साहू ने आरोप लगाया था कि किसानों के लिए आई खाद को समिति प्रबंधक ने बिचौलियों को औने-पौने दाम में बेच दिया, जिससे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी।
शिकायत के बाद प्रशासनिक टीम ने समिति के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक दर्ज था, जबकि गोदाम में केवल 184.80 मीट्रिक टन खाद मिली। जांच में 246.75 मीट्रिक टन खाद कम पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 68 लाख रुपए बताई गई है। कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या और स्कूलों के परीक्षा परिणामों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बरसात से पहले पेयजल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन कराने के निर्देश दिए। साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम और प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं में गड़बड़ी या हितग्राहियों की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।