Film City: केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।
Chhattisgarh Film City: छत्तीसगढ़ में पर्यटन और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है। केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।
यह फिल्म सिटी नवा रायपुर अटल नगर के माना-तूता क्षेत्र में राज्योत्सव स्थल के समीप लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी 21 जनवरी को निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन करेंगे, जिसके बाद परियोजना के कार्यों में तेजी आएगी।
फिल्म सिटी का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा। मुंबई की इंद्रदीप इन्फ्रा इंडिया लिमिटेड को इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और संबंधित कंपनी के बीच अनुबंध की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। परियोजना में निजी कंपनी द्वारा लगभग 250 करोड़ रुपये, जबकि केंद्र सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। वहीं, राज्य सरकार की ओर से फिल्म सिटी के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। कुल मिलाकर इस परियोजना में 400 से 500 करोड़ रुपये तक के निवेश की संभावना जताई जा रही है।
चित्रोत्पला फिल्म सिटी में फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां स्थायी और अस्थायी सेट तैयार किए जाएंगे, जिनमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, जेल, फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट शामिल होंगे। इसके अलावा तालाब, उद्यान, नदी और पहाड़ जैसे प्राकृतिक लोकेशन भी विकसित किए जाएंगे, ताकि विभिन्न प्रकार की शूटिंग संभव हो सके। शूटिंग के दौरान कलाकारों और फिल्म यूनिट के ठहरने के लिए आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 21 जनवरी को भूमिपूजन किए जाने का प्रस्ताव है, जिसके साथ ही इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।
फिल्म सिटी के साथ ही रायपुर में 51.87 करोड़ रुपये की लागत से जनजातीय एवं सांस्कृतिक सम्मेलन केंद्र का निर्माण भी किया जाएगा। यह केंद्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। यहां लोक कला, संगीत और नृत्य के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो सकेंगे।