अक्सर लोग अपनी कविताओं को शौकिया तौर पर मानते है पर कविताओं से लोगों को पहचान मिल सकती है। स्मार्ट सिटी रायपुर के थीम सांग ने आयुश्री को नई पहचान दिला
रायपुर . आयुश्री सक्सेना सिंह राइटर साहित्यकार
न कर सरहदों में कैद मुझको, बंध कर कब रहती हूं मै, पंख हैं नए मेरे हौसला है नया-नया। लिखना ईश्वर का वरदान है आज के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अपनी लेखनी पर फोकस करना चाहिए क्योंकि युवा ही देश की शक्ति हैं। आज की टेक्नॉलजी यूवाओं पर इतनी हावी हो चुकी है कि लिखने पढऩे की आदत छूटती जा रही है। यह कहना है भोपाल की प्रसिद्य साहित्यकार और कवियत्री आयुश्री सक्सेना का। रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के थीम सॉग को लिखने वाली आयुश्री से हुई बातचीत के अंश...
आपने स्मार्ट सिटी थीम के लिए सॉंग लिखा है?
हां मैने स्मार्ट सिटी के लिए थीम सॉंग लिखा है। ‘ये सोच का विहान है ये ख्वाहिशों की उड़ान है’ पिछले दस सालों में मैने छत्तीसगढ़ को एक मजबूत राज्य के रूप में उभरते देखा है इसकी इसी उड़ान को मैने थीम सॉंग में पिरोया है।
दूसरे सेलेब्रिटीज की तरह आपको भी रायपुर आने से पहले डर तो नही लगा?
नही बिल्कुल भी नही डर लगने वाली तो कोई बात ही नही है। दूसरे राज्यों के करोड़ों लोग रहते हैं यहां अगर कोई डरने वाली बात होती तो क्या वो लोग रहते यहां। मेरा ननिहाल धमतरी के पास है पहले भी आती रही हूं यहां मै। आज का छत्तीसगढ़ बहुत स्ट्रॉंग पोजीशन पर खड़ा है फिर चाहे डवलपमेंट हो या इनोवेशन खास कर यहां की डिसेस वल्ड वाइड फेमस हैं।
आपने लिखना कब शुरू किया?
लिखने की अगर मै बात करूं तो स्त्री मन की बात लिखती हूं। बचपन से ही मुझे लिखने का बड़ा शौक था जब छठी कक्षा में थी तब पहली बार मैने कोई कविता लिखी थी और तभी से शौकिया रूप से लिखते रहती थी। पर पढ़ाई के बाद मुंबई में एक फाइनेशियल कम्पनी में मैनेजर की पोस्ट पर लगभग सात सालों तक जॉब भी किया लेकिन जॉब छोड कर फिर से लिखना शुरू किया और प्रोफेशनली राइटर बन गई। मै मन से कविता लिखती हूं। धीर-धीर मै जितने भी कल्चरल प्लेटफार्म हैं उनसे जुड़ती गई लेकिन कवि सम्मेलन से दूरी बना कर रखती हूं। मै पोइट्री लिखती हुं मेरी कलम बोलती है लाइफ में चैलेंज लेने के लिए हमेशा तैयार रहती हूं, मुझे लगता है कि कुछ अच्छा कुछ क्रियेटिव हमेशा होना चाहिए। इंडिया के कई बड़े प्लेटफार्म से मैने अपनी पोइट्री प्रजेंट की है।
युवाओं के लिए क्या संदेश देना चाहती हैं?
युवाओं को ज्यादा से ज्यादा लिखने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि यूवा ही देश की ताकत हैं। सकारात्मक सोच रखें तो बड़ी से बड़ी परेशानी भी चुटकियों में सॉल्भ की जा सकती है।