
रायपुर@पीलूराम साहू। World Polio Day 2026: प्रदेश में टेढ़े-मेढ़े तलुवे के साथ बच्चे पैदा हो रहे हैं। पैरेंट्स इसे पोलियो की बीमारी समझ रहे हैं। हकीकत में यह क्लब फुट की बीमारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मार्च 2014 में भारत को पोलियोमुक्त घोषित कर दिया था। प्रदेश में भी लंबे समय से पोलियो का एक भी केस नहीं आया है। हालांकि पड़ोसी देशों में केस आने के कारण हर साल शून्य से 5 साल के बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाई जा रही है।
वर्ल्ड पोलियो डे 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। अब क्लब फुट के केस आ रहे हैं, जिसमें तलुवे जन्मजात टेढ़े-मेढ़े रहते हैं। इलाज से यह ठीक भी हो जाता है। आंबेडकर अस्पताल में इलाज व ऑपरेशन की सुविधा है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को स्मोकिंग व शराब सेवन करना भारी पड़ रहा है। ऐसी महिलाओं के बच्चे तिरछे तलुवे के साथ पैदा हो रहे हैं। इस बीमारी को कंजेनाइटल क्लब फुट कहा जाता है। प्रदेश में हर साल ऐसे 1500 से ज्यादा बच्चे पैदा हो रहे हैं। ऑर्थोपीडिक सर्जन के अनुसार पिछले 10 सालों में इस बीमारी के बच्चे बढ़़े हैं। इसका कारण बदलती जीवनशैली व खानपान भी है। अच्छी बात ये है कि इस बीमारी का इलाज आंबेडकर अस्पताल में फ्री में हो रहा है।
प्रदेश में 1200 से ज्यादा बच्चे क्लब फुट के इलाज के लिए पंजीकृत हैं। आंबेडकर अस्पताल में कंजेनाइटल क्लब फुट के इलाज के लिए बच्चों के पैरों में प्लास्टर बांधा जाता है। कुछ बच्चों के पैर की सर्जरी करने की जरूरत भी पड़ती है। यहां पिछले 4 साल में 700 से ज्यादा क्लब फुट वाले बच्चों का इलाज कर सामान्य किया गया है। आंबेडकर व निजी अस्पतालों में रोजाना 10 से 12 केस क्लब फुट के आ रहे हैं। आंबेडकर के अलावा जिला अस्पताल रायपुर, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ व जगदलपुर में क्लब फुट से पीड़ित बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
डॉ. ओंकार खंडवाल, एचओडी पीडियाट्रिक आंबेडकर अस्पताल के मुताबिक, प्रदेश पिछले कई सालों से पोलियो का केस नहीं आया है। तिरछे तलुवे वाले बच्चे इलाज के लिए आते हैं। पैरेंट्स इसे पोलियो समझते हैं, लेकिन ये क्लब फुट बीमारी है। ऐसे बच्चों को हड्डी रोग विभाग में रेफर किया जा रहा है। वैसे भी भारत मार्च 2014 में पोलियो मुक्त हो चुका है। हालांकि पड़ोसी देशों में केस मिलने के कारण देश भर में पोलियो ड्राप पिलाई जाती है।