
फिंगेश्वर में रेत खनन पर बवाल (photo Patrika)
Sand Mining Dispute: फिंगेश्वर नगर पंचायत फिंगेश्वर में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर बवाल मच गया है। स्वीकृत क्षेत्र को छोडक़र धड़ल्ले से अवैध खनन करने की शिकायत कलेक्टर और एसपी से की गई। शिकायत पर खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो हडक़ंप मच गया। हाइवा और चैन माउंटेन मौके से भागने लगे, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मामला नगर के मणिकंचन के पास सूखा नदी क्षेत्र का है। यहां से 3 किमी दूर गणेशपुर में रेत खदान स्वीकृत है, लेकिन ठेकेदार द्वारा काजू बगीचा मणिकंचन के पास नदी की पिचिंग तोडक़र चैन माउंटेन से सैकड़ों हाइवा रेत निकाल रहा है। इससे नदी की सुरक्षा और पर्यावरण को खतरा बताया जा रहा है।
बीते दिनों पिचिंग तोड़े जाने पर किसानों ने विरोध कर चक्काजाम की चेतावनी दी थी। इस पर राजिम एसडीएम विशाल महराणा ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया और कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन ठेकेदार ने एसडीएम के निर्देशों को दरकिनार कर उसी जगह फिर से खनन शुरू कर दिया। कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देश पर पहुंचे खनिज इंस्पेक्टर कोमल ध्रुव ने कहा कि मौके पर लोडिंग करते हाइवा नहीं मिले, रैंप बनाया जा रहा था। दोबारा अवैध खनन मिला तो कार्रवाई होगी और रात में निगरानी रखी जाएगी।
वहीं सवाल है कि सामने से निकलते हाइवा पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जबकि ठेकेदार द्वारा स्वीकृत क्षेत्र को छोडक़र अन्य क्षेत्र में बेधडक़ अवैध रेत का उत्खनन कर रहे हैं। हालांकि मामला सामने आने के बाद कलेक्टर और एसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नही हुई है। जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। वही, नगर पंचायत अध्यक्ष धनराज सूर्यवंशी ने भी शिकायत की बात कही है, लेकिन नगर पंचायत की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बैठक की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष इन्द्राणी नेहरू साहू ने की। इस दौरान उपाध्यक्ष सतीश यादव सहित समस्त सभापति और सदस्य मौजूद रहे। सदस्यों ने कहा कि अवैध उत्खनन से शासन को राजस्व की हानि हो रही है। साथ ही पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायतों से उनके क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत एवं मुरुम उत्खनन की जानकारी मांगी जाएगी।
सरपंच-सचिवों से तथ्य जुटाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा और तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा जाएगा। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय समन्वय से प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। यह फैसला प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और शासन के नियमों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
जनपद पंचायत फिंगेश्वर की सामान्य सभा की समीक्षा बैठक में ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे अवैध रेत एवं मुरुम उत्खनन का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक में अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।
Updated on:
24 Oct 2026, 11:55 AM IST
Published on:
24 Oct 2026, 11:55 AM IST
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