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छत्तीसगढ़ में महिला-बाल विकास विभाग को बड़ी सौगात, 6 केंद्रों के भवन के लिए 2.70 करोड़ रुपए की मंजूरी

Chhattisgarh Government Scheme: छत्तीसगढ़ में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को मंजूरी मिली है।
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रायपुर

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 24 Oct 2026, 3:05 PM IST

Building Construction Approval

छत्तीसगढ़ में 6 नए भवनों को मंजूरी (Photo Source- Patrika File Photo)

Building Construction Approval: छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन ने प्रदेश के छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इन भवनों के निर्माण पर कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से मिली इस स्वीकृति के तहत सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर जिले में नए भवन बनाए जाएंगे। राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण कार्यों के लिए पहली किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने की सहमति भी दी है। इन भवनों के निर्माण से विभागीय कामकाज को व्यवस्थित करने और महिलाओं तथा बच्चों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलने की उम्मीद है।

Lakshmi Rajwade: सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर में बनेंगे नए भवन

राज्य शासन की स्वीकृति के अनुसार, छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन अलग-अलग स्थानों पर बनाए जाएंगे। इनमें सूरजपुर जिले के भैयाथान और ओड़गी, रायगढ़ जिले के तमनार तथा बीजापुर जिले के बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम शामिल हैं। इन सभी छह केंद्रों के भवन निर्माण के लिए समान राशि निर्धारित की गई है। प्रत्येक भवन पर 45 लाख 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इस तरह सभी भवनों के लिए कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से मिली स्वीकृति

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से मिली यह मंजूरी विभागीय आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, विकास तथा उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का संचालन करता है। ऐसे में विभागीय कार्यों के लिए बेहतर भवन और संसाधन उपलब्ध होने से योजनाओं के संचालन में सहूलियत मिल सकती है। नए भवनों में विभागीय गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और संबंधित कर्मचारियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में मिलेगी मदद

परियोजना-सह-संसाधन केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन, विभागीय अमले के समन्वय और सेवाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन केंद्रों के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने से विभागीय कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए आधारभूत सुविधा उपलब्ध होगी। विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिहाज से यह पहल उपयोगी हो सकती है। इससे महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा हितग्राहियों से संबंधित कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायता मिलने की संभावना है।

पहली किस्त के रूप में ₹67.72 लाख जारी करने की सहमति

राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान भवन निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने की सहमति दी है। यह राशि कुल स्वीकृत लागत का एक हिस्सा है। शेष राशि आगे निर्धारित प्रक्रिया और निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी। शासन ने राशि के उपयोग को लेकर भी आवश्यक शर्तें निर्धारित की हैं। अगली किस्त के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र देना होगा। इसके साथ ही निर्माण कार्य की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

Raigarh News: निर्धारित नियमों के अनुसार होगा राशि का उपयोग

भवन निर्माण के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित व्यय सीमा और शासन के नियमों के अनुरूप करना होगा। अगली किस्त जारी करने की प्रक्रिया में निर्माण कार्य की प्रगति और पहले जारी की गई राशि के उपयोग का विवरण महत्वपूर्ण होगा। छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण की मंजूरी से सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे विभागीय कामकाज को व्यवस्थित करने और महिलाओं तथा बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिल सकती है।