
CM Sai Jandarshan:सीएम विष्णुदेव साय का जनदर्शन कार्यक्रम गुरुवार से शुरू हुआ। पहले ही जनदर्शन में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग दोपहर दो बजे तक जनदर्शन में शामिल होने के लिए कतार में लगे रहे। सीएम हाउस में जनदर्शन 11 बजे शुरू हुआ, जो निर्धारित समय से तीन घंटे से अधिक तक चला। इस दौरान करीब 1500 लोगों ने सीएम को आवेदन दिए।
लंबे अंतराल के बाद शुरू हुए जनदर्शन में लोगों से आवेदन लेने के पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोगों के पास जाकर मुलाकात की। साथ ही वहां मौजूद विकलांगों को ट्राइसाइकिल, विकलांग प्रमाण पत्र और श्रवण यंत्र भी वितरित किए। करीब 20 मिनट तक लोगों से मुलाकात करने के बाद सीएम साय मंच पर आकर बैठे। फिर लोगों से आवेदन लेते रहे।
इस दौरान लोगों ने जमीन पर कब्जा, सीमांकन नहीं करने, पीएससी की परीक्षा देने के बावजूद अभी तक नियुक्ति नहीं होने, ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव की मनमानी, अनियमित कर्मचारियों ने नियमितिकरण की मांग करने संबंधी ज्ञापन दिए। वहीं किसी ने बीमारी के चलते आर्थिक स्थिति खराब होने पर स्वेच्छानुदान देने का आवेदन दिए।
सीएम ने कहा, हमारी सरकार को बने छह माह हुए हैं। इस दौरान लोगों से लगातार मुलाकातें हुई है, सभी से मिलने की मैं कोशिश करता रहा हूं, लेकिन फिर भी ऐसे कार्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता महसूस होती रही, जो केवल आम नागरिकों से मुलाकात के लिए हो। पूर्व में डॉ. रमन सिंह की सरकार के समय जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित होता था। अब उसी कार्यक्रम को हमारी सरकार ने आज फिर से शुरू किया है। जनदर्शन कार्यक्रम प्रत्येक गुरुवार को आयोजित होगा।
राजनांदगांव से आई दमयंती सोनी 61 साल की हैं और छत्तीसगढ़ की पहली ऐसी महिला हैं जो वर्ष 2012 में पति के निधन के बाद से जेसीबी चला रही हैं। देशभर के एक्सपो में इन्हें भाग लेने के लिए बुलाया जाता है। ऐसे ही जापान से इन्हें बुलावा आया है, लेकिन कुछ आर्थिक दिक्कतों की वजह से एक्सपो में शामिल नहीं हो पा रहीं। उन्होंने अपनी दिक्कत मुख्यमंत्री को बताई मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि आप छत्तीसगढ़ का नाम देशभर में रोशन कर रही हैं। आप सामान पैक करें, सरकार आपको जापान भेजेगी।
जनपद पंचायत धरसींवा से सेवानिवृत्ति कर्मचारी अब्दुल जमील जनदर्शन में पहुंचे। उन्होंने सीएम को बताया कि 2 साल से उनका पेंशन प्रकरण लंबित है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जमील को आश्वस्त किया कि उनकी पेंशन की दिक्कत अब दूर हो जाएगी।
धरसींवा निवासी मनीराम देवांगन का चार महीने पूर्व एक्सीडेंट हुआ था। उसमें इनका पैर काटना पड़ गया था। मनीराम पिछले एक महीने से दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे थे लेकिन उनके आवेदन पर कार्यवाही नहीं हो सकी थी। जनदर्शन में उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या बताई तो सीएम ने मौके पर ही अधिकारियों को उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की निर्देश दिए। एक घंटे के भीतर मनीराम के हाथ में दिव्यांगता प्रमाण पत्र आ गया।
जनदर्शन में चरोदा से आई अंकिता मौर्य ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे आर्चरी की खिलाड़ी हैं। वे खेलो इंडिया खेलो में ब्रांज मेडल जीत चुकी हैं। उनका सपना ओलंपिक खेलने का है उनकी किट काफी पुरानी हो गई है यदि नई किट उपलब्ध करा दी जा जाए तो उनका सपना पूरा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने तत्काल खेल विभाग को निर्देशित और अंकिता को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम का डेटा चार्ट यहां दिया गया है। इसमें लाभार्थियों की संख्या, आवंटित धनराशि और विभिन्न जिलों में शुरू की गई परियोजनाओं का विवरण शामिल है।