रायपुर

सरकार के इस एडवाइजरी पर मंत्री सिंहदेव ने उठाए सवाल, पूछा – CAB से जनता खुश तो प्रतिबंध क्यों

सरकार के टीवी चैनलों को पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, त्रिपुरा में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के प्रसारण नहीं दिखाए जाने वाले आदेश को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
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Updated: 12 Dec 2019, 1:49 PM IST
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रायपुर. केन्द्र सरकार के टीवी चैनलों को पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, त्रिपुरा में नागरिकता संसोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) को लेकर हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के प्रसारण नहीं दिखाए जाने वाले एडवाइजरी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।

छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर कहा है कि केन्द्र सरकार का यह आदेश ब्रिटिश काल के आदेशों की तरह है, जिसमें उनके खिलाफ प्रदर्शन की खबरों पर रोक लगाए रखती थी।

मंत्री सिंहदेव ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, नागरिकता संशोधन विधेयक से आम जनता खुश है तो वहां लोगों पर प्रतिबंध ओर कर्फ्यू क्यों लगाए गए हैं।

बतादें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी टीवी चैनलों को परामर्श जारी कर ऐसी सामग्री के प्रसारण में सावधानी बरतने के लिए कहा है, जिनसे हिंसा को प्रोत्साहन मिलने की आशंका हो।

संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के पारित होने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, त्रिपुरा में हो रहे हिसक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर टीवी चैनलों के लिए यह परामर्श जारी किया गया है।

टीवी चैनलों के लिए बुधवार को जारी किए गए परामर्श में मंत्रालय ने कहा है, सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी सामग्री के प्रति विशेष सावधानी बरतें, जिनसे हिंसा को प्रोत्साहन मिलता हो या उससे हिंसा भड़कती हो, या कानून-व्यवस्था बनाए रखने में समस्या उत्पन्न होने की आशंका हो या जो राष्ट्रविरोधी व्यवहार को बढ़ावा दे रही हो।

यह परामर्श उन सभी सामग्री पर लागू होता है, जो देश की अखंडता को प्रभावित करती है और इसलिए यह सुनिश्चित करें कि ऐसी कोई भी सामग्री प्रसारित न हो जो इन संहिताओं का उल्लंघन करती है।

परामर्श में आगे कहा गया है, सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों से अनुरोध किया जाता है कि वे इस परामर्श का सख्ती से पालन करें। अतीत में मंत्रालय विभिन्न मौकों पर निजी टीवी चैनलों के लिए परामर्श जारी करता रहा है, जिसमें कार्यक्रम एवं प्रसारण संहिता के तहत निर्धारित सामग्री के प्रसारण को लेकर सख्त अनुपालन की मांग की जाती रही है।

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