
CG Police Bharti: छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर सामने आए गड़बड़ी के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित अपने शासकीय निवास पर पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से प्रत्यक्ष संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थी गृहमंत्री के बंगले पर पहुंचे और अपनी-अपनी शिकायतें, शंकाएं व आपत्तियां उनके समक्ष रखीं।
पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा सितंबर माह में आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 5,967 पदों के लिए परीक्षा हुई थी। परीक्षा परिणाम और चयन प्रक्रिया को लेकर कई अभ्यर्थियों ने अनियमितताओं और गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इन्हीं आरोपों के मद्देनज़र 19 और 20 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय स्तर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) द्वारा शिकायतकर्ताओं से चर्चा की गई थी।
इसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वयं शिकायतकर्ताओं को अपने निवास पर आमंत्रित कर उनसे सीधे बातचीत करने का निर्णय लिया। गृहमंत्री के निवास पर आयोजित इस बैठक में केवल अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि सभी जिलों के एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर नियमों और प्रक्रिया के अनुसार जवाब दिए।
वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वयं भी बैठक में मौजूद रहे और पूरी संवेदनशीलता के साथ अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आज अभ्यर्थियों को बुलाया गया है ताकि उनकी बात सीधे सुनी जा सके। यदि प्रावधानों के विपरीत कुछ हुआ है या किसी स्तर पर गलती हुई है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। और अगर कोई गलती नहीं पाई जाती है, तो भी अभ्यर्थियों को पूरी जानकारी और संतोषजनक जवाब दिया जाएगा।”