Rajim Kumbh Kalp-Fair 2026: राजिम कुंभ कल्प-मेला 2026 के आयोजन से पहले गरियाबंद जिला प्रशासन द्वारा जारी करीब 6 करोड़ रुपए के इवेंट टेंडर की समय-सीमा पर विवाद खड़ा हो गया है।
Rajim Kumbh Kalp-Fair 2026: राजिम कुंभ कल्प-मेला 2026 के आयोजन से पहले ही इवेंट टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब छह करोड़ रुपए के आयोजन के लिए गरियाबंद जिला प्रशासन द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया की समयसारिणी पर सवाल उठ रहे हैं। टेंडर में प्री-बिड बैठक से लेकर बिड जमा, प्रेजेंटेशन, फिजिकल सबमिशन और टेंडर ओपनिंग तक की पूरी प्रक्रिया मात्र तीन दिनों में पूरी करने का प्रावधान किया गया है।
टेंडर की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा पर बहस तेज हो गई है, वहीं विपक्ष ने मामले की जांच की मांग भी शुरू कर दी है। दअसल राजिम कुंभ 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए 3.80 करोड़ की लागत से नया मेला ग्राउंड और राजीव लोचन मंदिर, वहीं 2.25 करोड़ की लागत से संत समागम स्थल और कुलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के लिए टेंडर जारी किया गया है।
सोशल मीडिया में टेंडर प्रकाशन की कॉपी पर लोगों के कमेंट ऐसे हैं, जिसमें कई लोगों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने जानबूझकर टेंडर के लिए तीन दिन का समय रखा है, ताकि चहेती इवेंट या टेंट हाउस संचालन करने वाली संस्था को काम सौंपा जा सके।
Rajim Kumbh Kalp-Fair 2026: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि टेंडर मात्र औपरचारिकता मात्र बनकर रह गया है। जिला प्रशासन की यह प्रक्रिया प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा 7 को टेंडर का प्रकाशन किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देशभर में किसी भी ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में प्रकाशन और क्लोजिंग के बीच कम से कम 21 दिन का समय दिया जाना चाहिए।
गरियाबंद कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि किसी भी इवेंट टेंडर में बिड जमा करने और पीपीटी प्रेजेंटेशन की तैयारी में कम से कम 5 दिन का समय लगता है। इतनी कम समय-सीमा में वही एजेंसी भाग ले सकती है, जो पहले से पूरी तरह तैयार हो।
8 जनवरी: प्री-बिड बैठक
9 जनवरी: बिड जमा करने की अंतिम तिथि
10 जनवरी: पीपीटी प्रेजेंटेशन एवं टेंडर क्लोङ्क्षजग
10 जनवरी: फिजिकल सबमिशन टेंडर
10 जनवरी: टेंडर खोलने की तारीख
1-15 फरवरी: राजिम मेला की तारीख