
रायपुर. प्रदेश में कोरोना वायरस जिंदा है। संक्रमण का खतरा कतई नहीं टला है। मगर, नवंबर में कोरोना संक्रमण के आंकड़ों ने 8 महीने से इस बीमारी पर नियंत्रण में जुटे सरकारी महकमे को थोड़ी राहत जरूर दी है। खासकर दिवाली के बाद के 16 दिनों में अनुमान के मुताबिक संक्रमण बढ़ा नहीं, बल्कि घटा। सितंबर और अक्टूबर में जहां 82 और 73 हजार से अधिक मरीज रिपोर्ट हुए, तो नवंबर में यह आंकड़ा 50 हजार के अंदर सीमित रहा। 30 दिनों में 48,509 मरीज रिपोर्ट हुए, जो अच्छे संकेत हैं। सितंबर और अक्टूबर की त्रासदी से गुजर चुका छत्तीसगढ़ अब अच्छे दिनों की तरफ बढ़ रहा है।
एक तरफ जहां कई प्रदेशों में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, उधर छत्तीसगढ़ में संक्रमण दर में कमी आना, मृत्युदर में भी मामूली कमी दर्ज होना और रिकवरी रेट का 90 प्रतिशत से अधिक पहुंचना सुखद है। मगर, स्वास्थ्य विभाग इन सबके बीच 6 मेडिकल कॉलेजों और कोरिया जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगवा रहा है, ताकि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत न हो। 3 नए मेडिकल कॉलेजों में वायरोलॉजी लैब को मंजूरी मिल गई है। ये सभी काम अगले 2 महीने में पूरे हो जाएंगे। डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया भी की जा रही है।
* एक्टिव मरीजों की संख्या फिर 20 हजार के अंदर
5. मेडिकल स्टाफ, फ्रंट लाइन वॉरियर्स के संक्रमित होने के प्रकरण भी अब कम हुए हैं। मगर, अब तक 3 हजार से अधिक संक्रमित हो चुके हैं।
-डॉ. आरके पंडा, विभागाध्यक्ष, टीबी एंड चेस्ट, डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल
-नीरज बंसोड़, संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं