रायपुर

पत्रिका पड़ताल: कोरोना वायरस की चपेट में अंडा और ब्रायलर कारोबार, कीमतों में भारी गिरावट

इस वायरस के फैलने की वजह आज तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, मगर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अंडा और बायलर इसके कारण नहीं हैं।बावजूद इसके भ्रामक जानकारियों और सोशल मीडिया में चल रही खबरों की वजह से यह कारोबार भारी नुकसान से गुजर रहा है।

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Feb 17, 2020
पत्रिका पड़ताल: कोरोना वायरस की चपेट में अंडा और ब्रायलर कारोबार, कीमतों में भारी गिरावट

रायपुर. कोरोना वायरस का भारी असर प्रदेश के अंडा और बायलर कारोबार पर पड़ा है। लोगों ने इनसे दूरियां बना ली हैं। कारोबार में अब तक 45-50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इस वायरस के फैलने की वजह आज तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, मगर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अंडा और बायलर इसके कारण नहीं हैं।

बावजूद इसके भ्रामक जानकारियों और सोशल मीडिया में चल रही खबरों की वजह से यह कारोबार भारी नुकसान से गुजर रहा है। जिसका सीधा असर कारोबार से जुड़े आठ लाख लोगों पर पड़ रहा है। साथ ही प्रदेश की अर्थ व्यवस्था पर भी।

पोल्ट्री फॉर्म संचालकों का कहना है कि भले ही मांग गिर रही हो और हमें दाम गिराने पड़ रहे हों, मगर उत्पादन तो रोका नहीं जा सकता। सेंट्रल इंडिया वेंकोब ब्रॉयलर ब्रीडर एसोसिएशन के सचिव एवं अंडा कारोबारी धनराज बैनर्जी का कहना है कि कारोबार में इस प्रकार की गिरावट बीते कई दशकों में नहीं देखी गई। त्यौहारों के दिनों में भी ऐसी स्थिति नहीं बनती।यह सबकुछ भ्रामक जानकारियों की वजह से है।

दाम में आया अंतर- अंडा जो दिसंबर 2019 तक 4.80 रुपए प्रति नग तक बिक रहा था, वह अब 3.80 रुपए पर आ गया है। बायलर के दाम 80 रुपए प्रति किलो से 50 रुपए पर पहुंच गए हैं।

75 करोड़ का कारोबार, मगर अब मांग आधी हुई-

छत्तीसगढ़ पोल्ट्री कारोबार का बड़ा गढ़ है। रायपुर, राजनांदगांव, धमतरी, दुर्ग-भिलाई व बिलासपुर से लेकर रायगढ़ तक यह कारोबार फैला हुआ है। यहां का अंडा और बायलर ओडिसा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के कुछ जिलों व आंध्रप्रदेश तक जाता है। मगर राज्यों ने भी मांग घटा दी है। सचिव बैनर्जी के मुताबिक हर महीने 60 लाख अंडे व 80 लाख बायलर की बाजार में मांग होती है। सीजन में बढ़ती भी है।कारोबार करीब 75 करोड़ तक होता है। मगर, यह अब आधा हो गया है।

सभी की रिपोर्ट निगेटिव-

चीन से लौटे 27 यात्रियों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। सभी को 28 दिन के कोरेन टाइम (वायरस का संक्रमण काल) पर रखा गया है। रविवार को उन 13 लोगों की सूचना केंद्र सरकार ने राज्य को भेजी जो चीन के रास्ते भारत आए। यानी की इन्हें चीन से कनेक्टिंग फ्लाइट मिली। ये चीन एयरपोर्ट पर ही रहे, वहीं से फ्लाइट से 15 जनवरी के पहले भारत आए। इनके सैंपल नहीं लिए गए हैं, निगरानी में रखा गया है।

सावधानी सिर्फ इतनी बरतनी है-

अगर आप 1 से लेकर 30 जनवरी तक चीन की यात्रा कर लौटे हैं तो सावधानी बरतें।तत्काल स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में सूचना दें। ताकि आपके सैंपल जांच के लिए भेजे जा सकें। इतना करके आप खुद को बल्कि दूसरों को सुरक्षित रख सकते हैं।

क्या कहते हैं डॉक्टर-

देखिए, वायरस किस वजह से फैल रहा है इसे लेकर कंट्रोवर्सी है, मगर इतना तय है कि यह जानवरों से ही फैला। अंडा या बायलर इसके कारण नहीं हैं। लोगों को भ्रांतियों और अफवाहों से बचने की जरुरत है। अभी प्रदेश में कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला है।जो चीन से लौटे हैं वे सब स्वस्थ हैं। बस सावधानी बरतने की जरुरत है। सर्दी-जुखाम, खांसी आने पर डॉक्टरों को दिखाएं।

डॉ. अब्बास नकवी, वरिष्ठ फिजिशियन

Updated on:
17 Feb 2020 08:02 pm
Published on:
17 Feb 2020 09:40 pm
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