
राजनांदगाव/रायपुर. प्यार में साथ जीने - मरने की कसमें तो बहुत से जोड़े करते है। लेकिन सच में ऐसा करने की हिम्मत कुछ लोगों में ही होती है। छत्त्तीसगढ़ के राजनांदगाव में ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां बचपन से एक -दूसरे से प्यार करने वाले प्रेमी जोड़े ने मंदिर में ही आत्महत्या कर ली। सुबह जब लोग दर्शन करने मंदिर पहुंचे तो इस नजारे देखकर हैरान रह गए। लाश के पास मंगलसूत्र भी पड़ा हुआ मिला। आखिर ऐसी कौन सी वजह थी कि प्यार करने वालों को ऐसा कदम उठाना पड़ा।
ये मामला पेंदाकोड़ा नामक इलाके का है। जहां के रहने वाले नीरज तथा मुरेठी टोला की निवासी दामिनी ने एक साथ पढ़ाई की थी। बचपन से ही इन दोनों ने एक साथ पढ़ाई की थी। इसलिए दोनों में पहले से ही आकर्षण बढ़ गया था जो कि समय के साथ प्यार के रूप में सामने आया। इन दोनों के प्यार की चर्चा पूरे गांव में होने लगी थी।
इस बात का पता प्रेमी युगल के घर वालों को लगा, तो दोनों ओर के लोगों ने आपस में बैठक की। इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। इस बैठक में लड़के यानि नीरज के परिवार वालों ने लड़की से शादी करने को इंकार कर दिया। लेकिन प्रेमी युगल का प्रेम एक दूसरे के प्रति इतना ज्यादा बढ़ चुका था कि दोनों ने साथ में जीने मरने की कसमें खा ली थी। जिसके कारण दोनों घर से भाग गए।
जिस दिन दोनों ने मंदिर में जाकर आत्महत्या की उस दिन से दो दिन पहले ही प्रेमी युगल अपने अपने घर से गायब हो गए थे। जब दोनों अपने घरों में नहीं लौटें, तो परिजनों ने छानबीन शुरू की। छानबीन के दौरान प्रेमीयुगल की लाश अंबागढ़ चौकी से करीब 11 किमी दूर भगवान टोला की पहाड़ी के शिवालय में मिली।
लाश के पास में कीटनाशक दवाएं भी पड़ी थी तथा लड़की के गले में मंगलसूत्र पड़ा था। लाशों को देखने पर पता लग रहा था कि दोनों ने पहले मंदिर में शादी की थी और उसके बाद में कीटनाशक खाकर जान दे दी थी। फिलहाल पुलिस अपनी कानूनी कार्यवाही में लगी हुई है, पर आत्महत्या के इस मामले ने सभी को चौंका दिया है।