
रायपुर / बिलासपुर. कोविड के रोकथाम में कोरोना पॉजिटिव होने के कारण मध्यप्रदेश के पटवारी के मृत्यु होने पर उसके आश्रित को 50 लाख का बीमा राशि स्वीकृत किया गया है, तथा कोरोना से दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के आश्रित को विशेष पेंशन देने बिहार मंत्रिपरिषद ने 30 अप्रैल को निर्णय लिया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ में भी कोरोना में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों को भी कोरोना वारियर्स की दर्जा देते हुए दिवंगत के परिजन को 50 लाख का बीमा कवर दिया देने और तृतीय श्रेणी पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि शिक्षक कर रहे है जोखिम भरा ड्यूटी अस्पताल में ड्यूटी, शमशान घाट में ड्यूटी, वैक्सीनेशन में ड्यूटी, सेम्पल लेने में ड्यूटी, रेल्वे स्टेशन व बस स्टैंड में ड्यूटी,चेक पोस्ट में ड्यूटी, कांट्रेक्ट ट्रेसिंग में ड्यूटी, कोविड सेंटर में ड्यूटी, कोरेंटाईन सेंटर में ड्यूटी, टेस्टिंग में ड्यूटी, इसके बावजूद शासन ने शिक्षको को फ्रंटलाइन वर्कर्स नहीं माना है।
विषम परिस्थिति में भी शिक्षक जिम्मेदारी पूर्वक ड्यूटी कर रहे है, जब जब आवश्यकता होती है कि अन्य विभाग के भी काम को शिक्षक ही सहर्ष स्वीकार करके अपने इति कर्तव्यो का कुशल निर्वहन करते आ रहे है, पर जब भी शिक्षकों के हितों की बात होती है तो शासन, प्रशासन में बैठे जिम्मेदार लोग मुंह फेर लेते है। ,प्रदेश में कोरोना डयूटी से 300 से अधिक शिक्षको को मृत्यु हो गई , लेकिन उन्हें 50 लाख के बीमा कवर में नही लाया गया।