
रायपुर. छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में 18 प्लस का टीकाकरण अभियान कोविड वैक्सीन की कमी के कारण बंद है। और भी कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कमी है, जिसके कारण टीकाकरण अभियान रोकना पड़ा है, वहीं कुछ राज्यों में टीके की बर्बादी जारी है। पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक झारखंड, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु इस लिस्ट में टॉप पर हैं।
यास : रायपुर से होकर पुरी जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द
कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि झारखंड में 37.3 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 30.2 फीसदी और तमिलनाडु में 15.5 फीसदी टीकों की बर्बादी हो रही है। जम्मू-कश्मीर में यह आंकड़ा 10.8 फीसदी व मध्यप्रदेश में 10.7 फीसदी है। इन राज्यों में टीके की बर्बादी राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है। फिलहाल देश में 6.3 फीसदी टीके की बर्बादी हो रही है। यह हालत तब है, जब राज्यों से कहा जा रहा है कि वे वैक्सीन की बर्बादी को 1 फीसदी से नीचे लाएं।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt]थप्पड़ मारने वाले कलेक्टर को सीएम ने हटाया
स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने ट्वीट कर कहा कि केंद्र सरकार के खुद के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ टीकाकरण में अग्रणी राज्यों में से एक है। केंद्र सरकार द्वारा हैल्थकेयर और फ्रटलाइन वर्कर्स तथा 45+ के आयुवर्ग के लिए आपूर्ति किए गए टीकों में से केवल 0.95 फीसदी और 18-45 वर्ष आयुवर्ग के लिए सीधे हमारे द्वारा खरीदे गए टीके केवल 0.29 फीसदी बर्बाद हुए हैं। यह राष्ट्रीय औसत जो कि 6 फीसदी है, उससे कहीं बेहतर है।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt]ब्लैक फंगस को छत्तीसगढ़ ने घोषित किया 'महामारी'
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि 21 मई को हुई वीसी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा था कि केंद्र सरकार के पोर्टल में एक तकनीकी त्रुटि है जो अपव्यय प्रतिशत को बढ़ा रही है। हमें आश्वासन दिया गया था कि केंद्र इस मुद्दे को सुलझाने के लिए राज्यों के साथ बात करेगा ताकि सही आंकड़े सार्वजनिक किए जा सकें।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt;" >ये भी पढ़ें... ब्लैक फंगस के इलाज की सुविधा से लैस है रायपुर एम्स