रायपुर

Crime News: आवास योजना में 79 लाख का घोटाला, EOW-ACB ने कियोस्क संचालक को दबोचा, ऐसे रचा गया पूरा खेल

Crime News: कोरबा जिले में गरीबों के आवास के लिए जारी सरकारी राशि में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। 79 लाख रुपए के गबन के इस मामले में EOW-ACB की टीम ने एक कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है...

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Apr 18, 2026
BSP Scrap Scam
घोटाला (photo-unsplash)

Crime News: प्रदेश के कोरबा जिले में गरीबों के आवास योजना की राशि में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर की टीम ने आरोपी कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है।

ईओडब्ल्यू और एसीबी द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 20/2018 के तहत 16 अप्रैल 2026 को आरोपी गौरव शुक्ला (47) निवासी नंदबाग रूमगरा जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को विशेष न्यायाधीश कोरबा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

इंदिरा आवास योजना की राशि में हेराफेरी

जांच में सामने आया कि वर्ष 2010-11 में इंदिरा आवास योजना के तहत ग्रामीण हितग्राहियों के खातों में आवास निर्माण के लिए राशि जारी की गई थी। आरोपी ने वर्ष 2017 में इन खातों, जिनमें अधिकांश निष्क्रिय (डॉर्मेंट) थे, को सक्रिय कर करीब 79 लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए।

आधार सीडिंग और एईपीएस के जरिए की ठगी

गौरव शुक्ला, बैंक ऑफ इंडिया की कोरबा शाखा में कियोस्क संचालक के रूप में कार्यरत था। उसने बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग करते हुए हितग्राहियों के खातों को सक्रिय किया और उनके आधार नंबर हटाकर अपने व अपने परिवार के सदस्यों के आधार नंबर लिंक कर दिए। इसके बाद एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर राशि अपने खातों में ट्रांसफर करता रहा।

सिस्टम की खामियों का उठाया फायदा

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने बैंक के सॉफ्टवेयर की तकनीकी कमियों का फायदा उठाया। इनमें बिना आधार सत्यापन के ट्रांजेक्शन की अनुमति और ऑटो लॉगआउट फीचर का अभाव शामिल था। इन खामियों के चलते आरोपी ने लंबे समय से बंद खातों को सक्रिय कर उनमें हेराफेरी की।

620 प्रविष्टियों में की गई फर्जी आधार सीडिंग

विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी ने 10 अलग-अलग स्टाफ यूजर आईडी के माध्यम से करीब 620 बार आधार सीडिंग की। इनमें से अधिकांश मामलों में बिना भौतिक दस्तावेज सत्यापन के ही प्रविष्टियां दर्ज की गईं। कुछ एंट्री कियोस्क ऑपरेटर आईडी से भी की गई हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 421, 409, 120(B) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1) (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम अब इस घोटाले में अन्य संभावित आरोपियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Published on:
18 Apr 2026 12:38 pm