Raipur News: रायपुर कमिश्नरेट में पुलिस ने गुमशुदा नाबालिगों व अन्य लोगों की तलाश में 1 से 30 रायपुर. शहर से हर दूसरे दिन किसी न किसी इलाके से नाबालिग लडक़ा या लडक़ी अपना घर छोड़ रहा है।
Raipur News: शहर से हर दूसरे दिन किसी न किसी इलाके से नाबालिग लडक़ा या लडक़ी अपना घर छोड़ रहा है। नाबालिगों के अलावा बड़ी संख्या में युवतियां व विवाहित महिलाएं भी अपना परिवार छोड़ रही हैं। इसकी बड़ी वजह दूसरे शहर के युवकों से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती और प्रेम प्रसंग होना है। घर छोडऩे वालों में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। इसका खुलासा गुमशुदा के दर्ज मामलों की जांच के दौरान हुआ है। अधिकांश मामले में प्रेम-प्रसंग से जुड़े मिले हैं।
लड़कियां, महिलाएं ज्यादा छोड़ रहीं घर: रायपुर कमिश्नरेट में पुलिस ने गुमशुदा नाबालिगों व अन्य लोगों की तलाश में 1 से 30 रायपुर. शहर से हर दूसरे दिन किसी न किसी इलाके से नाबालिग लडक़ा या लडक़ी अपना घर छोड़ रहा है। नाबालिगों के अलावा बड़ी संख्या में युवतियां व विवाहित महिलाएं भी अपना परिवार छोड़ रही हैं। इसकी बड़ी वजह दूसरे शहर के युवकों से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती और प्रेम प्रसंग होना है। घर छोडऩे वालों में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। इसका खुलासा गुमशुदा के दर्ज मामलों की जांच के दौरान हुआ है। अधिकांश मामले में प्रेम-प्रसंग से जुड़े मिले हैं।
लड़कियां, महिलाएं ज्यादा छोड़ रहीं घर: रायपुर कमिश्नरेट में पुलिस ने गुमशुदा नाबालिगों व अन्य लोगों की तलाश में 1 से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान ऑपरेशन तलाश चलाया। इसमें तीनों जोन में पुलिस की विशेष टीमों को गठन किया गया था। अभियान के तहत पुलिस ने कुल 426 नाबालिगों और अन्य लोगों को ढूंढ निकाला।अप्रैल तक विशेष अभियान ऑपरेशन तलाश चलाया। इसमें तीनों जोन में पुलिस की विशेष टीमों को गठन किया गया था। अभियान के तहत पुलिस ने कुल 426 नाबालिगों और अन्य लोगों को ढूंढ निकाला।
ऑपरेशन तलाश के तहत पुलिस की थाना स्तर की अलग-अलग टीमों ने महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में उनकी तलाश की। ऑपरेशन तलाश के दौरान गुमशुदा नाबालिगों और अन्य लोगों को ढूंढने में डीडी नगर प्रथम, उरला द्वितीय और तृतीय स्थान पर पुरानीबस्ती थाना रहा।
नाबालिगों का घर छोडऩा ङ्क्षचता का विषय है। पुलिस के समक्ष इस तरह के जो भी मामले सामने आते हैं, उसकी गंभीरता से जांच की जाती है। उनकी तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया जाता है। 1 से 30 अप्रैल तक ऑपरेशन तलाश चलाया गया। इसमें 400 से अधिक लोगों को बरामद किया गया है। इसमें बालक-बालिका भी शामिल हैं।
-डॉक्टर संजीव शुक्ला, कमिश्नर, रायपुर
केस-1
उरला इलाके में रहने वाली बेमेतरा की नाबालिग लडक़ी मोबाइल में पबजी खेलती थी। दो माह पहले इस गेम की कॉङ्क्षलग सुविधा के जरिए लडक़ी की गुडग़ांव के एक युवक से दोस्ती हो गई। युवक फैक्ट्री में काम करता था। उसने प्रेम प्रसंग का झांसा दिया और लडक़ी को अपने पास बुलाया। युवक उसे अपने घर ले गया। उससे दुष्कर्म किया। लडक़ी के परिजनों ने उरला थाने में शिकायत की। पुलिस ने गुडग़ांव में छापा मारकर लडक़ी को छुड़ाया।
केस-2
कुछ दिन पहले एक नाबालिग लडक़ी की पहचान किराए के मकान में रहने वाले युवक से हुई। युवक महाराष्ट्र के सोलापुर चला गया। फिर लडक़ी इंस्टाग्राम के जरिए उससे लगातार चैङ्क्षटग करती रही। इस बीच लडक़ी को उसने सोलापुर आने के लिए दबाव बनाया। लडक़ी सोलापुर चली गई। इससे ङ्क्षचचित परिजनों ने उरला थाने में शिकायत की। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सोलापुर से लडक़ी को बरामद किया।