
Dal-Bhat Center: गरीबों का पेट भरने वाली योजना ने दम तो तोड़ा है। साथ ही जाते-जाते सभी ने 60-60 हजार रुपए का चुना लगा दिया। दरअसल रायपुर जिले में संचालित 14 दाल-भात केंद्र बीतें सात सालों से बंद पड़े हुए है। एक समय था जब इन केंद्रों से रोजाना हजारों जरूरतमंदों को सिर्फ 5 रुपए में भरपेट दाल, चावल, सब्जी और रोटी मिलती थीं। बाद में केंद्र तो बंद हो गए, साथ ही इन्हें दिए गए बर्तन और फर्नीचर गायब कर दिए गए। जिनकी किमत लगभग 8 लाख 40 हजार रुपए है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिन समितियों को केंद्र संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें 60 हजार रुपए के बर्तन भी दिए गए थे। लेकिन संस्थाओं द्वारा संचालन बंद करने के बाद भी बर्तन और अन्य सामाग्री वापस नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार विभाग की ओर से प्रत्येक संस्था को इसमें 70 थाली, 70 गिलास, 70 चम्मच, 6 जग, 6 राइस स्पून, 6 राइस प्लेट, 4 चौमुख, 3 बड़े भगौने, 2 छोटे भगौने, 4 कर्छुल, 3 पानी ड्रम और 3 परात दिए गए थे। इसके साथ ही संस्थाओं को 6 टेबल और 6 कुर्सियां भी दी गई थी। जिसे आजतक नहीं लौटाया गया है।
जिले में 14 से अधिक केंद्र संचालित थे। यहां हर माह जिले के डेढ़ लाख से अधिक लोगों को खाना मिलता था। जिसके लिए खाद्य विभाग की ओर से इन दाल-भात सेंटर को चालव, दाल, नमक, चना उपलब्ध कराया जाता था। इसे बंद करने के बाद अबतक नहीं खोला गया है, आज भी कई लोग इसके खुलने का इंतजार कर रहे है। वहीं कुछ जगहों में प्राइवेट संस्था द्वारा अपने खर्च से केंद्र को चलाया जा रहा है।
वर्जन
योजना पिछले सात साल से बंद है, बर्तन अबतक वापस नहीं हुए हैं। सभी को सामान वापस करने के लिए पत्र लिखा जाएगा।