रायपुर

Chhattisgarh Politics: बिजली बिल पर कांग्रेस का आर-पार का ऐलान, दीपक बैज बोले- सड़क से सदन तक होगा संघर्ष

Electricity Bill Hike: छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली दर वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। PCC चीफ दीपक बैज ने सड़क से सदन तक भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
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Jun 16, 2026
Chhattisgarh Politics
प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि सरकार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जबकि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां बना रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस अब प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने जा रही है और विधानसभा के मानसून सत्र में भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।

Smart Meter Controversy: तीन चरणों में चलेगा कांग्रेस का आंदोलन

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक 17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद 18 जून को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी। वहीं जुलाई के पहले सप्ताह में कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर स्मार्ट मीटर हटाने के समर्थन में आवेदन भरवाने का अभियान चलाएंगे।

बिजली बिल बना जनता की सबसे बड़ी परेशानी : बैज

दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में आम उपभोक्ता बिजली बिल की गड़बड़ियों को लेकर परेशान हैं। लोग अपने बिलों में सुधार कराने के लिए बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है और यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो यह नाराजगी बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकती है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर सरकार की नीतियों को उजागर करेगी।

उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की कई योजनाएं चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर और सोलर ऊर्जा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से बड़े कॉर्पोरेट समूहों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। बैज का कहना है कि पुराने बिजली मीटरों में कोई तकनीकी समस्या नहीं थी, इसके बावजूद उन्हें हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

BJP vs Congress: मानसून सत्र में गरजेगा विपक्ष

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि बिजली का मुद्दा आगामी विधानसभा मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। 13 जुलाई से शुरू होने वाले सत्र में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक दल सरकार से जवाब मांगेगा। कांग्रेस का कहना है कि बिजली के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और खाद की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी सदन में जोर-शोर से उठाया जाएगा।

बिजली उत्पादक राज्य में महंगी बिजली क्यों?

दीपक बैज ने सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां पर्याप्त कोयला संसाधन उपलब्ध हैं और बिजली उत्पादन की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद बिजली दरों में लगातार वृद्धि क्यों की जा रही है? उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पांच वर्षों में केवल दो पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई थी और "बिजली बिल हाफ योजना" के तहत 400 यूनिट तक राहत दी जाती थी। इसके विपरीत वर्तमान सरकार लगातार दरें बढ़ा रही है।

भाजपा सरकार पर पांचवीं बार बिजली दर बढ़ाने का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार बनने के बाद पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। पार्टी के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट और कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस का दावा है कि कुल मिलाकर अब तक बिजली दरों में 31.23 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है, जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

तीन गुना तक बढ़े बिजली बिल का दावा

बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल सामान्य से दो से तीन गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। कहीं ऑनलाइन और ऑफलाइन बिलों में अंतर है तो कहीं उपभोक्ता की जानकारी के बिना अनुबंध भार बढ़ाकर अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं और बिजली विभाग उपभोक्ताओं को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है।

Power Tariff Hike: स्मार्ट मीटर बना नया सियासी मुद्दा

स्मार्ट मीटर अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत सामान्य से अधिक दर्ज की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिल बढ़ रहे हैं। बैज ने दावा किया कि जून महीने में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसत से काफी अधिक आए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्मार्ट मीटर को लेकर लिए गए फैसलों की समीक्षा हुई है, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनता के हित में पुनर्विचार करना चाहिए।

महतारी वंदन और बिजली बिल पर तंज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा सरकार की महतारी वंदन योजना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महिलाओं को एक हजार रुपये की सहायता दे रही है, वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए बिजली बिलों के जरिए उससे कई गुना राशि वसूल रही है। बैज ने आरोप लगाया कि जनता एक साथ बिजली कटौती और बढ़े हुए बिलों की दोहरी मार झेल रही है।

आने वाले दिनों में और गरमा सकती है राजनीति

बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने खुला मोर्चा खोल दिया है। सड़क पर आंदोलन और विधानसभा में घेराबंदी की रणनीति के साथ पार्टी इसे बड़ा जन मुद्दा बनाने में जुटी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार कांग्रेस के आरोपों का क्या जवाब देती है और आगामी मानसून सत्र में बिजली का मुद्दा प्रदेश की राजनीति को कितना गर्माता है।

Updated on:
16 Jun 2026 07:11 pm
Published on:
16 Jun 2026 06:43 pm