रायपुर

यूसीसी से आदिवासी समाज को कोई नुकसान नहीं, पहली बैठक से पहले डिप्टी CM अरुण साव का बड़ा बयान

UCC Committee Chhattisgarh: डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यूसीसी से आदिवासी समाज को कोई नुकसान नहीं होगा और मसौदा संविधान की भावना के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
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Updated: 21 Jul 2026, 11:29 AM IST
Chhattisgarh UCC Meeting
Chhattisgarh UCC Meeting

Chhattisgarh UCC Meeting: प्रदेश में यूसीसी लागू करने के सुझाव लेने के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक 24 जुलाई को होगी। कांग्रेस के आरोप पर उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि सरकार कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि आदिवासी समाज को यूनिफॉर्म सिविल कोड से किसी प्रकार को कोई दिक्कत नहीं होगी। संविधान की भावना के अनुरूप प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति लोगों से सुझाव लेकर सरकार को प्रारूप सौंपेगी। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। उनके पास कोई मुद्दा ही नहीं है।

Chhattisgarh News: कांग्रेस अनावश्यक कर रही राजनीति

उक्त बयान डिप्टी सीएम अरुण साव ने सोमवार को दिए। साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा लीक मामले से लेकर स्मार्ट मीटर और स्थानीय निकायों की कैग रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस पर सियासी हमला बोला। बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेवजह मुद्दा बनाकर राजनीति कर रही है। स्मार्ट मीटर नई तकनीक का हिस्सा है। कांग्रेस का अनावश्यक राजनीति करना उचित नहीं है।

नीट विवाद पर साव बोले- अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही कांग्रेस

नीट परीक्षा विवाद और युवाओं के प्रदर्शन को लेकर अरुण साव ने कहा कि सरकार ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। इसके बावजूद विपक्ष सरकार को बदनाम करने और देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वह अपने मंसूबों में सफल नहीं होंगे।

UCC Suggestions Committee: आदिवासियों के हितों पर डाका डालने का प्रयास

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने पर आदिवासियों को सर्वाधिक नुकसान होगा। बैज ने यूसीसी को छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के खिलाफ बताया, क्योंकि राज्य में केवल आदिवासी ही हैं जिन्हें अन्य वर्गों की अपेक्षा विशेष संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत से अधिक आबादी आदिवासियों की है, जिनके लिए पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची लागू है।

दीपक बैज ने आगे कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की घोषणा के बाद से ही भाजपा समर्थित उद्योगपति आदिवासियों की भूमि पर नजर गड़ाए हुए हैं और उसे हथियाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी लाने की यह कवायद आदिवासियों के हितों को दरकिनार कर उद्योगपतियों के हितों को बढ़ावा देने के लिए है, क्योंकि वर्तमान कानून के तहत आदिवासियों की भूमि का हस्तांतरण कठिन है।

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21 Jul 2026, 11:29 AM IST
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