
Chhattisgarh Political News: कांग्रेस ने पंजाब में पार्टी में अंतर्कलह से निपटाने में विफल रहे महासचिव भूपेश बघेल को प्रदेश प्रभारी पद से हटा दिया गया है। पार्टी ने संगठनात्मक फेरबदल करते हुए बघेल की जगह राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी महासचिव बनाया है। बघेल को असम का प्रभार दिया गया है। कांग्रेस के इस फेरबदल को लेकर छत्तीसगढ़ में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल की पंजाब से छुट्टी को लेकर डिप्टी सीएम अरूण साव ने बड़ा हमला बोला है। कहा कि पंजाब में सभी ने देखा कि भूपेश बघेल के खिलाफ 'वापस जाओ' के नारे लगे थे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने राजनीतिक दृष्टि से भूपेश बघेल को उपयोगी नहीं पाया, इसलिए उनका प्रभार बदल दिया गया।
बता दें कि पंजाब में अगले साल चुनाव हैं और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राज्य के दौरे पर जाने वाले हैं। बघेल का पंजाब कांग्रेस में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद व राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा खुला विरोध कर रहे थे और आलाकमान तक शिकायत की गई थी। नए प्रभारी पायलट के लिए अब पंजाब में पार्टी की गुटबाजी समाप्त कर सत्ता में लाने की चुनौती होगी। संयोग से भाजपा ने भी राजस्थान के पूर्व पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया है।
नक्सलियों के समर्थन में वीडियो जारी किए जाने के मामले पर भी उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की बात कह चुके हैं। अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश और संविधान के खिलाफ बोलते हैं, धीरे-धीरे ऐसे लोगों की संख्या में भी कमी आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिमागी नक्सली भी जल्द सही रास्ते पर आएंगे।
बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने भी कांग्रेस के प्रभारी बदले जाने पर कहा कि, भूपेश बघेल राष्ट्रीय राजनीति में जहां भी गए हैं, वहां विवाद और असफलता ही देखने को मिली है। उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पहले कांग्रेस में इतनी गड़बड़ी और कलह नहीं थी, लेकिन भूपेश बघेल के जाने के बाद कलह देखने को मिली। उन्होंने यह भी कहा कि भूपेश बघेल अब तक कहीं भी अपनी योग्यता साबित नहीं कर पाए हैं।