रायपुर

DJ Ban: छत्तीसगढ़ में अब बिना अनुमति DJ बजाने वालों की खैर नहीं, जाना पड़ सकता है जेल

DJ Ban: ध्वनि की तीव्रता मापने के लिए साउंड मीटर के उपयोग को भी नियमों में शामिल किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले आपूर्तिकर्ताओं का पंजीयन स्थायी रूप से निरस्त करने का प्रावधान भी प्रस्ताव में रखा गया है।
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Sep 19, 2026
DJ Ban in CG
बिना अनुमति DJ बजाने वालों की खैर नही जाना पड़ सकता है जेल (Photo Patrika)

DJ Ban in CG: छत्तीसगढ़ में तेज आवाज में डीजे, लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर राज्य सरकार सख्त नियम बनाने की तैयारी में है। इसके लिए गृह एवं पुलिस विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-2026’ का प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त या सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया जा सकता है। नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना, कारावास और उपकरण जब्त करने जैसे प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।

अस्पताल, स्कूल और सरकारी दफ्तरों के आसपास बनेगा ‘शांत क्षेत्र’

प्रस्तावित कानून में अस्पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, छात्रावास, न्यायालय, केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यालयों तथा स्थानीय निकायों के परिसरों के आसपास 100 मीटर की परिधि को ‘शांत क्षेत्र’ (साइलेंस जोन) के रूप में परिभाषित किया गया है। इसके अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त आवश्यकतानुसार किसी अन्य क्षेत्र को भी सार्वजनिक आदेश जारी कर शांत क्षेत्र घोषित कर सकेंगे। प्रारूप में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक को ‘दिन का समय’ और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक को ‘रात्रि का समय’ माना गया है। शांत क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर अधिक कड़े नियम प्रस्तावित किए गए हैं।

पहली गलती पर 50 हजार से शुरू होगा जुर्माना

प्रस्तावित अधिनियम के अनुसार, पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर कारावास या न्यूनतम 50 हजार रुपये का जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान रखा गया है। यदि उल्लंघन शांत क्षेत्र में किया जाता है, तो सजा एक वर्ष तक और न्यूनतम जुर्माना 75 हजार रुपये तक हो सकता है। दोबारा नियम तोड़ने पर तीन महीने से एक वर्ष तक की सजा और न्यूनतम एक लाख रुपये जुर्माने का प्रस्ताव है। वहीं, यदि पुनरावृत्ति शांत क्षेत्र में होती है, तो छह महीने से दो वर्ष तक की सजा और न्यूनतम डेढ़ लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। साथ ही ध्वनि उपकरण आपूर्तिकर्ता का पंजीयन स्थायी रूप से निरस्त करने का विकल्प भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है।

साउंड सिस्टम व्यवसायियों को भी कराना होगा पंजीयन

ड्राफ्ट कानून में केवल आयोजकों ही नहीं, बल्कि ध्वनि उपकरणों के निर्माण, बिक्री और किराए पर देने वाले व्यवसायियों के लिए भी नियम प्रस्तावित किए गए हैं। ऐसे सभी व्यक्तियों और संस्थाओं को स्थानीय पुलिस सत्यापन के साथ निर्धारित कार्यालय में पंजीयन कराना होगा।इसके अलावा, साउंड सिस्टम संचालक ऐसे व्यक्ति या संस्था को उपकरण उपलब्ध नहीं करा सकेंगे, जिसके पास सक्षम प्राधिकारी की वैध अनुमति नहीं होगी। ध्वनि स्तर की निगरानी के लिए साउंड मीटर के उपयोग को लेकर भी प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।

Updated on:
19 Sept 2026 02:52 pm
Published on:
19 Sept 2026 02:51 pm