
Chhattisgarh ED Raid: शराब, कोयला और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित घोटालों की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने रायपुर, धमतरी और भिलाई-दुर्ग में एक साथ 7 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, उनके रिश्तेदारों और करीबी प्रॉपर्टी डीलरों से जुड़े परिसरों में की गई। ED की टीमों ने आवास और कार्यालयों में दस्तावेज, बैंक लेनदेन, संपत्ति से जुड़े कागजात और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कैश और ज्वेलरी मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, करीब 25 सदस्यीय ED टीम सुबह 7 बजे अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची। टीम ने आवास और कार्यालयों में दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान कैश, ज्वेलरी, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, निवेश और डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। ED ने जांच के लिए कई दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की है।
ED की टीमें कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के रायपुर के अनुपम नगर और धमतरी स्थित आवास पहुंचीं। इसके अलावा उनके भतीजे अनूप अग्रवाल के रायपुर स्थित रविनगर आवास और प्रतीक अग्रवाल के धमतरी स्थित ठिकाने पर भी जांच की गई। भिलाई में रिद्धि-सिद्धि रियल एस्टेट से जुड़े विश्वास गुप्ता और सजल जैन के ठिकानों पर भी ED की टीम ने कार्रवाई की।
ED की यह कार्रवाई शराब, कोल लेवी वसूली से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग, DMF और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है। जांच एजेंसी की ओर से हाल ही में जारी प्रेस विज्ञप्ति में करीब 3200 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले के मामले में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
ED की छापेमारी की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। धमतरी विधायक ओमकार साहू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की। शैलेश नितिन त्रिवेदी समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे।
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की ED द्वारा जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटालों से जुड़े लेनदेन और संपत्तियों का आपस में क्या संबंध है। फिलहाल कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया जारी है। आगे की कार्रवाई ED की जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।