रायपुर

भारतमाला घोटाले में बड़ा एक्शन! जमीन कारोबारी गोपाल गांधी समेत कई ठिकानों पर ईडी की रेड

Bharatmala Scam: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना घोटाले को लेकर ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
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Apr 27, 2026
भारतमाला परियोजना घोटाला (photo source- Patrika)
भारतमाला परियोजना घोटाला (photo source- Patrika)

Bharatmala Scam: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित जमीन मुआवजा घोटाले ने एक बार फिर सुर्खियां पकड़ ली हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े कई लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

Bharatmala Scam: तड़के सुबह शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, ईडी के करीब 13 अधिकारियों की टीम ने सुबह-सुबह अभनपुर स्थित गोपाल गांधी के घर और ऑफिस पर दबिश दी। टीम ने यहां दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच शुरू की, जो कई घंटों तक जारी रही। यह कार्रवाई केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर भी छापा

इस कार्रवाई की जद में भूपेंद्र चंद्राकर भी आए हैं, जो पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के रिश्तेदार बताए जाते हैं। भूपेंद्र चंद्राकर पर आरोप है कि उन्होंने अपने करीबियों के माध्यम से अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला परियोजना के तहत करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलवाने में भूमिका निभाई।

क्या है भारतमाला घोटाला?

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में भूमि अधिग्रहण किया गया था, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की आशंका जताई गई है। जांच में सामने आया है कि मुआवजा बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया।

कैसे हुआ खेल?

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले में कई स्तरों पर मिलीभगत सामने आई है— कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदला गया, जमीन का मूल्य कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया, एक ही खसरे की जमीन को कागजों में टुकड़ों में बांट दिया गया, अलग-अलग लोगों के नाम पर मुआवजा क्लेम किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों—जैसे एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी—की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

Bharatmala Scam: पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

इस मामले में पहले भी ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं। इसके अलावा 40 लाख रुपये से अधिक नकद राशि जब्त की गई थी। मामले में तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू समेत कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

वहीं EOW द्वारा 10 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। ताजा छापेमारी से साफ है कि जांच एजेंसियां अब इस मामले की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Updated on:
27 Apr 2026 02:09 pm
Published on:
27 Apr 2026 02:09 pm
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