रायपुर

रोजगार सहायक की मनमानी से त्रस्त

कोरोना संकट को देखते हुए गांव के मजदूरों को काम दिलाना जरूरी हैं, लेकिन इसमें वह कोई सहयोग नहीं कर रहा। उल्टे करीब 5 एकड़ शासकीय घासभूमि पर अवैध कब्जा कर कृषि कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह जमीन जनहित में अति महत्वपूर्ण है।

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Jun 04, 2020
रोजगार सहायक की मनमानी से त्रस्त

धमतरी. रोजगार सहायक की कार्यशैली से परेशान होकर ग्राम पंचायत उड़ेना में माहौल गरमा गया है। वह सरपंच की बात सुनता है और न ही सचिव और ग्रामीणों की। इसलिए उसे हटाने की मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। शिकायत लेकर बुधवार को सभी पंचों के साथ जिला पंचायत पहुंची सरपंच नेहा साहू ने कहा कि रोजगार सहायक की मनमानी अब ग्रामीणों के बर्दाश्त के बाहर हो गई है। कोरोना संकट को देखते हुए गांव के मजदूरों को काम दिलाना जरूरी हैं, लेकिन इसमें वह कोई सहयोग नहीं कर रहा। उल्टे करीब 5 एकड़ शासकीय घासभूमि पर अवैध कब्जा कर कृषि कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह जमीन जनहित में अति महत्वपूर्ण है। यहां तालाब खनन प्रस्तावित हैं। कलेक्टर और सीईओ को तत्काल इसकी जांच कराकर रोजगार सहायक को पद मुक्त कर घासभूमि से कब्जा हटाना चाहिए। उप-सरपंच खम्हन लाल साहू, टेमीन कंवर, टुकेश्वरी साहू, पवन कुमार ने कहा कि गांव में त्रुटिवश देवरी भाठा मोड़ में तालाब स्वीकृत हो गया था। आदेश की जानकारी होने पर पंचायत ने संशोधन आवेदन दिया गया है। 20 दिन गुजर गया, लेकिन अब तक यह संशोधित नहीं हुआ। जिस जगह पर तालाब निर्माण के लिए पंचायत प्रस्ताव हुआ है, उसके बदले रोजगार सहायक दूसरे जगह पर जियो टैक किया है। कलेक्ट्रेट पहुंचने वालों में पंच कमला बाई, इन्द्राणी बाई, प्रिया चन्द्राकर, राधा , त्रिवेणी, लालाराम, हेमंत कुमार आदि शामिल थे।
नहीं सुनते किसी की बात
पंच ने कहा कि रोजगार सहायक ने बिना सरपंच और पंचों की जानकारी, सहमति और प्रस्ताव के एक तालाब, चार डबरी तथा सड़क निर्माण के लिए दे दिया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर और सीईओ से मांग कर मनमर्जी काम करने वाले रोजगार सहायक को तत्काल उन्हें पद से पृथक करने की गुहार लगाई है।

Published on:
04 Jun 2020 01:32 am
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