
Chhattisgarh Patrika Foundation Day : छत्तीसगढ़ अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि डिजिटल क्रिएटर्स के नए हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में हर दिन एक नए इंफ्लुएंसर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हो रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के शहरों से लेकर गांवों और पर्यटन स्थलों तक को अपने कैमरे में कैद कर देश-दुनिया के सामने रख रहे हैं। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब वीडियो और शॉर्ट कंटेंट के जरिए प्रदेश की स्थानीय जिंदगी अब लाखों लोगों की स्क्रीन तक पहुंच रही है।
छत्तीसगढ़ में अगर इंफ्लुएंसर के आंकड़ों पर नजर डाले तो हर दिन नए क्रिएटर्स बन रहे हैं। जिसके चलते एक स्पष्ट आंकड़ा किसी के पास नहीं है। जनसंपर्क, सहायक संचालन, आमना मीर के अनुसार अनुमानित प्रदेश में 1000 से अधिक ऐसे इंफ्लुएंसर जो सीधे सीधे छत्तीसगढ़़ को हाईब्रीड मोड पर ‘एक्सप्लोर’ कर रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुष के तुलना में थोड़े कम है, यह आंकड़ा 25 प्रतिशत के आसपास मान सकते हैं। वहीं ऐसे इंफ्लुएंसर जो सरकार के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं उनकी संख्या सैकड़ों में है। जिन्हें सरकार समय-समय पर इंफ्लुएंसर मीट के जरिए सम्मानित करती है।
यह बदलाव केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। कंटेंट क्रिएटर्स के बढ़ते प्रभाव ने पर्यटन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, लोककला और छोटे कारोबारों के लिए भी नए अवसर पैदा किए हैं। जिस जगह तक पहुंचने के लिए पहले बड़े प्रचार अभियान की जरूरत होती थी, वहां अब एक वायरल वीडियो पर्यटकों और ग्राहकों की भीड़ खींच रहा है।
प्रदेश में डिजिटल क्रिएटर्स अब हाईब्रिड मोड में आगे बढ़ रहा है, जहां स्थानीय अनुभव, फील्ड एक्सप्लोरेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। युवा क्रिएटर्स गांवों में जाकर स्थानीय व्यंजन, परंपराएं और अनदेखे पर्यटन स्थलों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। वहीं शहरों के क्रिएटर स्थानीय बाजार, कैफे, कला, संस्कृति और नए कारोबारों को डिजिटल पहचान दे रहे हैं।
सोशल मीडिया की पहुंच का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसी छोटे गांव के स्थानीय व्यंजन, प्राकृतिक स्थल या पारंपरिक कला का वीडियो कुछ ही घंटों में प्रदेश की सीमाओं से बाहर पहुंच सकता है। यही डिजिटल पहुंच आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए बड़ा अवसर बन सकती है।
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर अब रोजगार और स्वरोजगार का नया माध्यम बनते जा रहे हैं। उपलब्ध डिजिटल डेटाबेस के अनुसार अकेले रायपुर में 150 से अधिक इंफ्लुएंसर प्रोफाइल दर्ज हैं। इनमें कई महिला क्रिएटर्स कुकिंग, रेसिपी, ब्यूटी, फैशन, लाइफस्टाइल, ट्रैवल और व्लॉगिंग से जुड़ा कंटेंट तैयार कर रही हैं। वीडियो के जरिए अगर आय की बात करें तो वे व्यूज के अलावा ब्रांड प्रमोशन, स्थानीय दुकानदार से संपर्क, एफिलिएट मार्केटिंग, विज्ञापन से अच्छी खासी कमाई करते हैं। यहां जितना ज्यादा फॉलोवर्स होते हैं उतनी अच्छी खासी अर्निंग होती है। इस पूरी गतिविधि से वीडियो एडिटर, फोटोग्राफर, ग्राफिक डिजाइनर, मेकअप आर्टिस्ट और सोशल मीडिया मैनेजर जैसे सहायक रोजगार भी बन रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक छत्तीसगढ़ी भाषा, खान-पान और स्थानीय संस्कृति पर आधारित कंटेंट की बढ़ती लोकप्रियता से आने वाले समय में इस क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और बढ़ सकते हैं।
नवा रायपुर स्थित नकटी गांव में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी। यहां जब 80 मकानों पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की तो घटनाक्रम की जानकारी देने 50 से अधिक क्रिएटर्स पहुंचे थे। इस घटनाक्रम को लेकर सामने आए वीडियो एक ही दिन में 3 से 4 मीलियन तक व्यूज हो गए। पीड़ित परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए भड़ास निकाली और विधायक को ही अपशब्द कह डाले। जिसके बाद विधायक को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इस तरह सोशल मीडिया से राजनेताओं को भी बैकफुट पर धकेल देता है।
सोशल मीडिया के इस दौर में कई जानकारियां फेक भी होती है। जिस पर विश्वास करना बहुत ही मुश्किल होता है। दरअसल फॉलोअर्स और व्यूज की होड़ में क्रिएटर्स तथ्यहीन जानकारी व एआई जनरेटेड वीडियो पोस्ट कर जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि ऐसे कंटेंट से बचना। क्रिएटर की ये जिम्मेदारी होती है कि अपने कंटेट में स्थानीय संस्कृति की गरिमा बनाए रखना और जिम्मेदार कंटेंट तैयार करना। इसे विश्वसनीयता बनी रहती है।
जनसंपर्क बलौदा बाजार, सहायक संचालन, आमना मीर ने पत्रिका को बताया कि आज क्रिएटर्स सोशल मीडिया में खुद एक ब्रॉड बन रहा है। हर दिन एक इंफ्लुएंसर एक्टिव हो रहे हैं, ऐसे में इनका एक निश्चित आंकड़ा बता पाना संभव नहीं है। वहीं अगर प्रदेश की महिला क्रिएटर्स की बात करें तो पुरुषों के मुकाबले में इनकी संख्या कम है। अनुमानित 100 में से 25 महिलाएं इंफ्लुएंसर के जरिए आगे बढ़ रही है। वहीं आज के इस दौर में कोई भी क्रिएटर्स जहां नया जिम खुल रहा है, नया शॉप खुल रहा है, चाहे वो कपड़े की दुकान हो, ज्वेजर्स या अन्य चीजों सीधे दुकानदार से जुड़कर प्रमोशन कर कमाई कर रहा है।