
Chhattisgarh Monsoon: प्रदेश में मानसून के सक्रिय होते ही कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी दी है। प्रदेश में अब तक औसतन 381 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे शुरुआती सूखे के बाद स्थिति में बड़ा सुधार आया है।
बारिश के मामले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ (613 मिमी) और जांजगीर (575 मिमी) सबसे आगे हैं। अगले 48 घंटों तक प्रदेश भर में मानसून सक्रिय रहेगा और व्यापक वर्षा होने की संभावना है। वहीं रायगढ़ में घुसा काला पानी: वार्ड 37 (दर्री डीपा) में निर्माणाधीन कॉलोनी की बाउंड्रीवाल टूटने से उसमें भरा फ्लाईऐश डस्ट मिश्रित काला पानी दर्जनों घरों में घुस गया। इससे लोगों के सामान और दस्तावेज खराब हो गए। रहवासियों ने अवैध भराव का आरोप लगाते हुए कालोनाइजर पर कार्रवाई की मांग की है।
कवर्धा जिले के कुकदुर के लोखान गांव में स्कूल से लौट रहा 8 वर्षीय बालक कमलेश तिलगाम उफनते कपाट नाले को पार करते समय बह गया। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह घटना स्थल से 7 किमी दूर उसका शव बरामद हुआ।
सूरजपुर: 19 सेमी
छाल 15सेमी
करतला: 15 सेमी
अंबिकापुर: 10 सेमी
रायपुर: 8 सेमी
दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अपेक्षाकृत धीमी रही थी। जून के शुरुआती दिनों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खेती और जलाशयों को लेकर चिंता बढ़ गई थी। हालांकि जुलाई के दूसरे पखवाड़े से मानसून ने रफ्तार पकड़ी और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार भारी बारिश का दौर शुरू हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 381 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिससे शुरुआती बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ (613 मिमी) और जांजगीर-चांपा (575 मिमी) सबसे अधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल हैं।
लगातार बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदी-नाले उफान पर हैं, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है और कई स्थानों पर सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। कवर्धा में नाले में बहने से एक मासूम की मौत हो गई, जबकि रायगढ़ में निर्माणाधीन कॉलोनी की बाउंड्रीवाल टूटने से फ्लाईऐश (राखड़) मिश्रित काला पानी दर्जनों घरों में घुस गया। इससे लोगों के घरों का सामान और जरूरी दस्तावेज खराब हो गए।