
पति की मौत के बाद नहीं मानी हार (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@सरिता दुबे। Godna Art: सरगुजा के जमगला गांव की 32 वर्षीय तीजो पावलेकी कहानी बताती है कि परंपरा को केवल संग्रहालय में सुरक्षित रखने के बजाय उसे आज की जरूरतों से जोड़ दिया जाए तो वही विरासत रोजगार बन सकती है। उनके हाथों की चित्रकारी ने एक ओर उनके परिवार को संभाला, वहीं दूसरी ओर गोंड समाज की गोदना परंपरा को कपड़ों पर नया जीवन दिया। अब उनकी तीन बेटियां भी यही कला सीख रही हैं- यानी जिस हुनर से कभी तीजो ने अपने परिवार को संभाला, वही हुनर अब अगली पीढ़ी की आजीविका और पहचान भी बन रहा है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।
बड़ी खबरें
View AllPatrika Special News
ट्रेंडिंग
Gramdani System : राजस्थान के 196 गांवों में आज भी ‘सबै भूमि गोपाल की, यहां नहीं चलती किसी की मलकियत

